
देहरादून में उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन (यूपीजेईए) ने ऑफिसर्स क्लब, यमुना कॉलोनी में अपनी स्थापना की रजत जयंती धूमधाम से मनाई। इस अवसर पर संगठन की 25 वर्षों की यात्रा, संघर्ष और उपलब्धियों को समर्पित विशेष स्मारिका ‘शक्ति संदेश’ का विमोचन भी किया गया।
25 वर्षों की यात्रा का दस्तावेज बनी ‘शक्ति संदेश’ स्मारिका
इस विशेषांक स्मारिका का संपादन संतोष कुमार पांडे और पवन रावत ने किया है। इसमें संगठन के इतिहास, सदस्यों के लेख, महत्वपूर्ण आदेशों और संघर्ष की झलकियों को विस्तार से संकलित किया गया है। यह स्मारिका संगठन की अब तक की यात्रा का महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जा रही है।
मुख्य अतिथि ने दिया ‘ऊर्जा प्रदेश’ बनाने का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सभी सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उत्तराखंड को ‘ऊर्जा प्रदेश’ बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया और संगठन की भूमिका की सराहना की।
संस्थापकों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के दौरान संस्थापक अध्यक्ष जीएन कोठियाल, संस्थापक उपाध्यक्ष आरके जैन और संस्थापक महासचिव जेसी पंत ने संगठन की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा और संघर्षों को साझा किया। उन्होंने संगठन की एकजुटता और निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान
समारोह में 75 वर्ष से अधिक आयु के सेवानिवृत्त सदस्यों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने कार्यक्रम को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया।
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस अवसर पर अखिल भारतीय पावर डिप्लोमा इंजीनियर फेडरेशन के अध्यक्ष आरके त्रिवेदी, कार्यवाहक अध्यक्ष जीबी पटेल, तथा अखिल भारतीय डिप्लोमा फेडरेशन के संस्थापक अध्यक्ष सुशील कुमार दीक्षित सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संगठन के पदाधिकारियों का संबोधन
यूपीजेईए के केंद्रीय अध्यक्ष रविंद्र सैनी ने संस्थापकों के संघर्ष को प्रेरणादायक बताते हुए निस्वार्थ सेवा की भावना पर जोर दिया। वहीं केंद्रीय महासचिव नितिन कुमार तिवारी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों और सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
ऊर्जा निगमों के शीर्ष अधिकारी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक जीएस बुदियाल, उत्तराखंड जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक एके सिंह और पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड के निदेशक पीसी ध्यानी भी शामिल हुए।



