
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को राजपुर निवासी अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीद की स्मृति में लगभग ₹27 लाख की लागत से निर्मित होने वाले भव्य शहीद द्वार का शिलान्यास भी किया।
पहाड़ी शैली में बनेगा भव्य स्मारक द्वार
गणेश जोशी ने कहा कि शहीद मनोज राणा का सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने बताया कि मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के माध्यम से पहाड़ी वास्तुकला शैली में शहीद द्वार का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उत्तराखंड के सैनिकों ने हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में राष्ट्र की रक्षा के लिए अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिचय दिया है।
सैनिकों के सम्मान के लिए सरकार की कई पहल
सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में निर्माणाधीन सैन्य धाम का कार्य भी तेजी से प्रगति पर है, जो भविष्य में देशभर के लोगों के लिए प्रेरणा और गौरव का केंद्र बनेगा।
कुपवाड़ा में आतंकियों से लड़ते हुए हुए थे शहीद
राइफलमैन मनोज राणा भारतीय सेना की 15 राष्ट्रीय राइफल्स (15 RR) और 2/4 गोरखा राइफल्स में तैनात थे। 27 जुलाई 2013 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
कार्यक्रम में रहे कई गणमान्य लोग मौजूद
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, ज्योति कोटिया, शमशेर सिंह बिष्ट, मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुंग, शहीद की माता उषा राणा, बहन पिंकी राणा, प्रभा शाह सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



