उत्तराखंडराज्य

खटीमा में मुख्यमंत्री धामी ने प्रबुद्ध जनों से किया संवाद, विकसित उत्तराखंड के लिए मांगे सुझाव

खटीमा में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, उद्योगपतियों, साहित्यकारों और समाजसेवियों के साथ विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद उपस्थित प्रबुद्धजनों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, उद्योग, अध्यात्म और सामाजिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और चेतना की समृद्ध भूमि भी है। उन्होंने कहा कि समाज का प्रबुद्ध वर्ग राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उनके विचार भविष्य की दिशा तय करने में सहायक होते हैं। उन्होंने प्रबुद्ध नागरिकों को समाज का “विचार निर्माता” बताते हुए कहा कि उनके सुझाव राज्य के विकास को नई गति दे सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने हासिल की नई ऊंचाइयां

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में सुधार किया है।

उन्होंने जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने आम नागरिकों को सीधे लाभ पहुंचाया है। साथ ही उन्होंने धारा 370 हटाने, राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक पर रोक और नागरिकता संशोधन कानून जैसे फैसलों को देश की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक बताया।

उत्तराखंड में विकास और सुशासन पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, खेल सुविधाओं और हवाई संपर्क के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण के लिए कई नई नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।

समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून को बताया ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करना सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और हजारों युवाओं को निष्पक्ष तरीके से रोजगार के अवसर मिले हैं।

उन्होंने कहा कि धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों का उद्देश्य प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना है।

जनभागीदारी से बनेगा विकसित उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य का विकास केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं होता, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक सोच भी उतनी ही आवश्यक होती है। उन्होंने प्रबुद्ध नागरिकों से राज्य के विकास में सहयोग देने और अपने अनुभवों के आधार पर रचनात्मक सुझाव देने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षक, चिकित्सक, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य विशेषज्ञ अपने ज्ञान और अनुभव के माध्यम से राज्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उनके अनुसार यह संवाद कार्यक्रम केवल विचारों के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण का एक प्रभावी मंच है।

मुख्य सेवक जन संवाद कार्यक्रम में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री

इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बंडिया स्थित एक निजी रिसोर्ट में आयोजित मुख्य सेवक जन संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में उनका पारंपरिक स्वागत फूल-मालाओं और तिलक के साथ किया गया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभर रहा है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सहयोग की अपील

मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने तथा पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने और त्रुटियों के सुधार में सहयोग करने का आह्वान किया।

लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जनभागीदारी और संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास से आती है। उन्होंने कहा कि जनता लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की वास्तविकता को समझती है और विकास तथा सुशासन को प्राथमिकता देती है।

टिफिन बैठक में कार्यकर्ताओं का बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों के साथ टिफिन बैठक में भाग लिया और मध्याह्न भोजन किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि संगठन की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता होते हैं, जो सरकार की नीतियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।

इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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