अंतर्राष्ट्रीय

भारत-अमेरिका परमाणु ऊर्जा और एलपीजी निर्यात में सहयोग को बढ़ाएंगे, मिसरी की अमेरिका यात्रा संपन्न

फ्लोरिडा । भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शनिवार को कहा कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहित प्रमुख क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। फ्लोरिडा में विदेश सचिव विक्रम मिस्री विक्रम मिस्री की फ्लोरिडा यात्रा के दौरान सर्जियो गोर ने मार-ए-लागो में हुई मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज रात मार-ए-लागो में विक्रम मिस्री की मेजबानी करना खुशी की बात रही। व्यापार, रक्षा और ऊर्जा से लेकर कई क्षेत्रों में भारत और अमेरिका आने वाले समय में मिलकर काम करने को तैयार हैं।” भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस सप्ताह ऊर्जा, महत्वपूर्ण तकनीकों और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत किया, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। तीन दिवसीय व्यस्त कार्यक्रम के अंतिम दिन ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दा रहा, जिसमें विक्रम मिस्री ने अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट से मुलाकात की।
भारतीय दूतावास के अनुसार, इस बैठक में ऊर्जा सुरक्षा को आगे बढ़ाने, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को गहरा करने और भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने के नए रास्तों पर चर्चा हुई।
सजियो गोर ने ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में शांति (एसएचएएनटीआई) बिल पारित होने के बाद अब सिविल न्यूक्लियर सहयोग के साथ-साथ कोल गैसीफिकेशन और अमेरिकी एलपीजी निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी काम किया जा सकता है।
शांति बिल भारत में ऊर्जा क्षेत्र, खासतौर पर सिविल न्यूक्लियर और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित विधायी ढांचा माना जाता है। यह देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अहम माना जा रहा है इसके लिए भारत अमेरिका जैसे देशों के साथ ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करना चाहता है।
ऊर्जा के अलावा, बातचीत के दौरान उभरती तकनीकों और सप्लाई चेन पर भी चर्चा हुई। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के अनुसार, अंडर सेक्रेटरी विलियम किम्मिट और विक्रम मिस्री के बीच महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने, सुरक्षित सप्लाई चेन सुनिश्चित करने और एआई निर्यात के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।
विक्रम मिस्री ने अमेरिकी विदेश विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी क्रिस्टोफर लैंडाउ से भी मुलाकात की और आने वाले वर्ष के लिए पूरे द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा की। इसमें व्यापार, तकनीक, रक्षा और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
इसके अलावा, उन्होंने व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल नेतृत्व से भी बातचीत की। भारतीय दूतावास वाशिंगटन के अनुसार, इन बैठकों में इंडियन ओशन स्ट्रेटेजिक वेंचर और पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम जैसे साझा रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
सजियो गोर ने कहा कि अमेरिकी सेना और भारतीय सेना दोनों देशों के रक्षा संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने रक्षा उपकरणों की बिक्री और इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
विक्रम मिस्री ने इंडिया हाउस में आयोजित एक स्वागत समारोह में भी हिस्सा लिया, जिसकी मेजबानी अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने की। यहां उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों और साझेदारों से मुलाकात की।
यह बैठकों का सिलसिला नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच बढ़ते तालमेल को दर्शाता है, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और रक्षा साझेदारी जैसे अहम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पिछले एक दशक में भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी स्थापित हो चुकी है, जिसमें रक्षा, व्यापार, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क शामिल हैं। इंडो पैसिफिक क्षेत्र में भी दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता, मजबूत सप्लाई चेन और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

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