
देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में नए प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी के कार्यभार संभालने के बाद कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान में तेजी देखने को मिली है। निगम प्रबंधन ने महज एक महीने के भीतर पदोन्नति, स्थायीकरण, वित्तीय स्तरोन्नयन और चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मामलों का निस्तारण कर कर्मचारियों को राहत प्रदान की है।
पदोन्नति, स्थायीकरण और वित्तीय लाभ से कर्मचारियों को मिला फायदा
यूपीसीएल प्रबंधन के अनुसार विभिन्न संवर्गों के 27 कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा 37 सहायक अभियंताओं और सहायक लेखाकारों की सेवाओं का स्थायीकरण किया गया है। वहीं 36 कर्मचारियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय सुनिश्चित वित्तीय स्तरोन्नयन (एसीपी) का लाभ भी प्रदान किया गया है। साथ ही करीब 450 लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामलों का भी त्वरित निस्तारण किया गया है।
मानव संसाधन विभाग ने समयबद्ध तरीके से जारी किए आदेश
यूपीसीएल के अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) आर.जे. मलिक ने बताया कि सभी संबंधित मामलों में आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मानव संसाधन विभाग ने तय समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
निगम ने रोजगार सृजन की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की है। यूपीसीएल ने 75 सहायक लेखाकार पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। इसके अलावा सहायक अभियंता, लेखाधिकारी, कार्मिक अधिकारी, विधि अधिकारी, अवर अभियंता, ड्राफ्ट्समैन और सहायक भंडारी सहित करीब 115 अन्य रिक्त पदों पर भी जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कर्मचारी संगठनों ने जताया प्रबंधन का आभार
यूपीसीएल की विभिन्न यूनियनों और कर्मचारी संगठनों ने कर्मचारियों के हित में उठाए गए इन कदमों का स्वागत करते हुए प्रबंधन तथा प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी कर्मचारियों से जुड़े मामलों का इसी तरह त्वरित और सकारात्मक समाधान होता रहेगा।



