Aaj Ka Panchang 8 August 2026: श्रावण कृष्ण दशमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल

नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 08 अगस्त, शनिवार के दिन कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। इस खास तिथि पर ध्रुव योग और रोहिणी नक्षत्र जैसे शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है। वहीं आज सूर्य देव कर्क राशि में और चंद्र देव वृषभ राशि में विराजमान हैं।
शनिवार का दिन होने के कारण शनिदेव की पूजा करने के लिए बेहद शुभ रहना वाला। श्रावण मास का महीना चलने के कारण भगवान शिव के साथ शनि देव की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए ज्योतिषी से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 8 August 2026) का समय समेत आदि जानकारी।
तिथि:कृष्ण पक्ष की दशमी – दोपहर 01 बजकर 59 मिनट तक, फिर एकादशी तिथि
योग: ध्रुव – प्रातः 09 बजकर 02 मिनट तक, फिर व्याघात (अगले दिन तड़के 05 बजकर 38 मिनट तक)
करण: विष्टि (भद्रा) – दोपहर 01 बजकर 59 मिनट तक
करण: बव – मध्यरात्रि 12 बजकर 33 मिनट (09 अगस्त) तक, फिर बालव
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 46 मिनट तक
सूर्यास्त का समय: सायं 07 बजकर 07 मिनट तक
चंद्रोदय का समय: रात 01 बजकर 37 मिनट तक (09 अगस्त)
चंद्रास्त का समय: दोपहर 03 बजकर 14 मिनट (09 अगस्त)
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कर्क राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: वृषभ राशि में (अगले दिन तड़के 03 बजकर 48 मिनट तक, 09 अगस्त तक), फिर मिथुन राशि में प्रवेश
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक
अमृत काल: दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से अपराह्न 03 बजकर 22 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 09 बजकर 06 मिनट से प्रातः 10 बजकर 46 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 05 बजकर 46 मिनट से प्रातः 07 बजकर 26 मिनट तक
यमगण्ड: दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से सायं 03 बजकर 47 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव रोहिणी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
रोहिणी नक्षत्र: सायं 04:51 बजे तक, फिर मृगशिरा
स्थान: 10°00’ वृषभ राशि से 23°20’ वृषभ राशि तक
नक्षत्र स्वामी: चंद्रदेव
राशि स्वामी: शुक्रदेव
देवता: ब्रह्मा या प्रजापति
प्रतीक: बैलगाड़ी का पहिया
सामान्य विशेषताएं:कलात्मक, रोमांटिक, कुशल व्यापारी, विलासी, जिद्दी, प्रभावशाली आंखें, ईमानदार, सत्यवादी, बातचीत में माहिर, एकाग्र और शांत मन।



