अतीक के बेटे अबान का जनाजा: जेल से आएंगे भाई उमर और अली, फिर होगा सुपुर्द-ए-खाक

झांसी जिला कारागार में बंद कुख्यात माफिया अतीक अहमद का बड़ा बेटा अली अहमद पहली बार पैरोल पर प्रयागराज जाएगा। अली अहमद को यह पैरोल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसके छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होने के लिए दी गई है। बता दें कि बीते साल 1 अक्टूबर को हाई सिक्योरिटी के बीच अली अहमद को नैनी जेल से झांसी जिला कारागार लाया गया था। अली अहमद पर उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रचने के साथ ही रंगदारी मांगने का आरोप है।
एक दर्दनाक सड़क हादसे में गुरुवार को माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान और उसके मित्र सोनू खान की मौत हो गई थी। शुक्रवार को आबान को सुपुर्दे खाक किया जाएगा। भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए झांसी और लखनऊ जेल में बंद दो भाइयों के पैरोल की प्रक्रिया शुरू की गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों की पैरोल मंजूर कर ली है। ऐसे में 1 अक्टूबर 2025 के बाद अली पहली बार जेल से बाहर आएगा और अपने भाई के जनाजे में शामिल होने प्रयागराज जाएगा। बता दें कि अली के झांसी जिला जेल में आमद के बाद से यहां की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अली को तन्हाई बैरक में रखा गया है। जेल में आने के बाद अली से नाते-रिश्तेदार लगातार मिलने आते रहते हैं। लिहाजा, हर मुलाकाती को कड़ी सुरक्षा और चेकिंग से गुजरना होता था। खास पड़ताल के बाद ही उन्हें मुलाकात की इजाजत दी जाती थी।
यह आरोप हैं अतीक के बेटे अली पर
साल 2022 में प्रॉपर्टी डीलर जीशान से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने और यूपी के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रचने का अली पर आरोप है। 30 जुलाई 2022 को कुख्यात माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे अली अहमद ने कोर्ट में सरेंडर किया। उसे तुरंत नैनी सेंट्रल जेल में बंद किया गया। 1 अक्टूबर 2025 की रात शासन के आदेश के बाद हाई सिक्योरिटी के बीच नैनी सेंट्रल जेल से उसे झांसी जेल लाया गया।
प्रयागराज के धूमनगंज थाने में हुई थी अली पर रिपोर्ट
साल 2022 में 5 करोड़ की रंगदारी मांगने व न देने पर घर में घुसकर जानलेवा हमले की रिपोर्ट माफिया अतीक अहमद और उसके बेटे अली अहमद समेत 13 लोगों के विरुद्ध दर्ज प्रयागराज के धूमनगंज थाने में कराई गई थी। साबिर हुसैन की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। आरोप था कि अली और उसके गुर्गे पांच करोड़ की रंगदारी मांग रहे थे। नहीं देने पर कई बार पीड़ित जीशान को जान से मारने की धमकी दी गई। माफिया अतीक अहमद उसके बेटे के अलावा आसाद कालिया, शकील, शाकिर, सबी अब्बास, फैजान, सैफ, नामी, अफ्फान, महमूद, माऊद एवं अतीक के चचेरे भाई असलम के नाम रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी केस के बाद अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया था।
अली की बैरक से हुए थे रुपए बरामद तब भेजा था झांसी
माफिया अतीक के बेटे अली अहमद को नैनी जेल में रखा गया था। सुरक्षा की दृष्टि से वह हाई सिक्योरिटी सेल के पास एक अलग कमरे में था। सूत्र बताते हैं कि अली से सिर्फ उसके वकील को मिलने की इजाजात थी। वह भी सीसीटीवी कैमरे की जद में। बीती 16 जून को अली से मिलने उसका वकील जेल गया था। मुलाकात से पहले अली की चेकिंग की गई थी। फिर सीसीटीवी कैमरे के सामने मिलवाया था। उस साल 17 जून को डीआईजी जेल को इस मामले की जानकारी मिली। तुरंत छापेमारी कराई गई तो अली की बैरक से 1100 रुपये बरामद हुए थे। इसके बाद उसकी सिक्योरिटी और कड़ी करने के निर्देश दिए थे।
मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी भी रहे झांसी में
झांसी जिला जेल प्रदेश ही नहीं देश में भी सुर्खियों में रहा। झांसी से बागपत मुन्ना बजरंगी को ले जाया गया था। इसके बाद वहां उसकी हत्या हुई थी। वह काफी समय यहीं रहा। झांसी जिला जेल में इससे पहले मुख्तार अंसारी लंबे समय तक रहा। सूत्र बताते हैं कि झांसी जेल संवेदनशील श्रेणी में है। हालांकि मुख्तार की मौत हार्ट अटैक से हुई थी।



