
रुद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने पेयजल निर्माण निगम द्वारा बनाए जा रहे दो महत्वपूर्ण सरकारी निर्माण कार्य—राजकीय मेडिकल कॉलेज के छात्रावास और सर्किट हाउस—का अचानक निरीक्षण कर प्रगति की वास्तविक स्थिति परख की। निरीक्षण के दौरान धीमी गति से हो रहे कार्य पर उन्होंने गहरी नाराज़गी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तुरंत सुधार के स्पष्ट निर्देश दिए।
जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में लापरवाही पर जिलाधिकारी सख्त
जिलाधिकारी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज छात्रावास और सर्किट हाउस जैसी परियोजनाएँ प्रशासनिक और सार्वजनिक दोनों ही दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसलिए कार्य में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने परियोजना प्रबंधक को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समय सीमा में पूरा किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि आगे से धीमी प्रगति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से सख्त जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी को दी नियमित समीक्षा की जिम्मेदारी
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को इन दोनों परियोजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य विकास अधिकारी की अनुमति के बिना कोई भी भुगतान जारी नहीं किया जाएगा ताकि निर्माण की गुणवत्ता और कार्य की गति पर लगातार निगरानी रखी जा सके।
अधिकारियों से कार्य प्रगति और बाधाओं की विस्तृत जानकारी ली
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थल पर मौजूद अभियंताओं और अधिकारियों से वर्तमान कार्य स्थिति, तकनीकी चुनौतियों और निर्माण में आ रही बाधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि परियोजना सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गुणवत्ता में कमी या अनावश्यक देरी पाई गई तो तुरंत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समय पर निर्माण पूर्ण करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ समय पर पूर्ण हों, ताकि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकें और जिले की प्रशासनिक क्षमता में वृद्धि हो।
अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, परियोजना प्रबंधक पेयजल निर्माण निगम नरेन्द्र नवानी, सहायक अभियंता पेयजल सुभाष चन्द्र भट्ट, अपर सहायक अभियंता पेयजल रंजीत आर्या सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



