
चमोली। टीएचडीसी टनल हादसे से प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। राहत एवं बचाव अभियान के साथ प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास भी लगातार किए जा रहे हैं।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने शनिवार को हाट-सियासैण, मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में कार्यरत हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी ई लिमिटेड, विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के श्रमिक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा की।
श्रमिकों ने रखीं आर्थिक सहायता और उपचार की मांगें
श्रमिक प्रतिनिधिमंडल ने हादसे से प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए दीर्घकालिक आजीविका की व्यवस्था, घायलों को आर्थिक सहायता और निःशुल्क उपचार की मांग भी रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने हादसे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी मंत्री के समक्ष रखी।
“श्रमिकों की सुरक्षा और हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता”
मंत्री मदन कौशिक ने श्रमिकों की सभी मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और उनके हित राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। हादसे से प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मंत्री ने अधिकारियों से श्रमिकों की ओर से रखी गई मांगों और प्रभावित परिवारों के लिए वर्तमान में की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।
घायलों के उपचार और परिवारों की मदद में लापरवाही न बरतने के निर्देश
मदन कौशिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों के उपचार, प्रभावित परिवारों के साथ समन्वय और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव अभियान पूरी तत्परता से चलाया जा रहा है। इसके साथ ही प्रभावित श्रमिकों और उनके परिजनों की जरूरतों का भी प्राथमिकता के आधार पर ध्यान रखा जा रहा है।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, भाजपा महामंत्री विनोद कनवासी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, टीएचडीसी के अधिकारी और श्रमिक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मौजूद रहे।



