
देहरादून। उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, उत्कृष्टता और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड के विभिन्न महाविद्यालयों में विज्ञान वर्ग के नव नियुक्त 50 असिस्टेंट प्रोफेसरों को बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण 23 मार्च से 19 अप्रैल तक फोकस्ड ट्रेनिंग एंड इंडक्शन प्रोग्राम के तहत आयोजित होगा।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और स्वरूप
इस कार्यक्रम में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीक, शोध पद्धतियाँ और शैक्षणिक प्रशासन के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें उच्च शिक्षा के आधुनिक मानकों से भी परिचित कराया जाएगा, जिससे वे अपने शिक्षण कार्य को और अधिक प्रभावी और गुणवत्तापरक बना सकें। प्रशिक्षण में देशभर के विशेषज्ञ और बीएचयू के प्रख्यात शिक्षक व्याख्यान देंगे।
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के राजकीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शोध एवं नवाचार आधारित शैक्षणिक वातावरण विकसित करना है, ताकि छात्रों में शोध प्रवृत्ति को बढ़ावा मिले।
सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों का प्रशिक्षण
इसी योजना के तहत प्रदेश के 35 सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों का भी बीएचयू में प्रशिक्षण जारी है। यह 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 9 मार्च से 22 मार्च तक चल रहा है। प्रशिक्षण में उन्हें आधुनिक पुस्तकालय प्रणाली, डिजिटल एक्सेस, ई-लाइब्रेरी, सूचना प्रबंधन और तकनीकी नवाचारों की जानकारी दी जा रही है।
सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान दोनों प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्हें अन्य प्रमुख संस्थानों के पुस्तकालयों का भ्रमण भी कराया गया, जिससे वे पुस्तकालय प्रबंधन और डिजिटलीकरण की आधुनिक व्यवस्थाओं से परिचित हो सकें।
शिक्षा गुणवत्ता में सुधार की पहल
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों को देश के उत्कृष्ट संस्थानों में प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक बदलाव आएगा और शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।



