
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी अप्रैल माह में प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को सचिवालय में राज्य नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
डिजिटलाइजेशन और तकनीकी सहायता पर जोर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में बताया कि प्रदेश के सभी बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के साथ आईटी वॉलंटियर्स की तैनाती की जा रही है। ये वॉलंटियर्स गणना प्रपत्रों के डिजिटलाइजेशन में सहयोग करेंगे और प्रपत्रों के वितरण तथा संकलन की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने अपर सचिव ग्राम्य विकास और निदेशक शहरी विकास विभाग को निर्देश दिए कि इस अभियान के लिए तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को जल्द से जल्द जोड़ा जाए, ताकि पुनरीक्षण कार्य सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
क्षेत्रवार निगरानी और मैपिंग
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आयुक्तों को क्षेत्रवार मैपिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक बूथ पर कार्य की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। इससे पुनरीक्षण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र, अपर सचिव झरना कमठान, निदेशक महिला एवं बाल विकास बीएल राणा, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, निदेशक एसआईसी मनीष जुगरान, अपर निदेशक आईटीडीए तीरथ पाल, उप निदेशक सूचना रवि बिजारनियां सहित गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अपर आयुक्त उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने पुनरीक्षण अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।



