
रुदपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “कानून-व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता” के संदेश के अनुरूप उधमसिंहनगर पुलिस ने लापरवाही के मामलों पर त्वरित कार्रवाई की है। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया कि पुलिस तंत्र में किसी भी स्तर की उदासीनता या गैर-जिम्मेदाराना रवैया बर्दाश्त न किया जाए।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण
मृतक सुखवन्त सिंह (पुत्र तेजा सिंह, ग्राम पैगा) से संबंधित एक मामले में कोतवाली आईटीआई की ओर से गंभीर लापरवाही और उदासीनता उजागर हुई। इस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा की।
निलंबन और लाइन हाजिरी की कार्रवाई
उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद दो उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया:
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उपनिरीक्षक ना0पु0 कुन्दन सिंह रौतेला (थानाध्यक्ष, कोतवाली आईटीआई)
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उपनिरीक्षक ना0पु0 प्रकाश बिष्ट (कोतवाली आईटीआई)
साथ ही, चौकी पैगा में तैनात पूरे पुलिस स्टाफ को लाइन हाजिर किया गया। इसमें शामिल हैं:
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उपनिरीक्षक/चौकी प्रभारी जितेन्द्र कुमार, सोमवीर सिंह
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आरक्षी भूपेन्द्र सिंह, दिनेश तिवारी, शेखर बनकोटी, सुरेश चन्द्र, योगेश चौधरी, राजेन्द्र गिरी, दीपक प्रसाद, संजय कुमार
उत्तराखंड पुलिस की प्रतिबद्धता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस में जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, संवेदनहीनता या नियमों की अवहेलना पाई गई तो कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच चल रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार की नीति और संदेश
यह कार्रवाई धामी सरकार की उस नीति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है जिसमें:
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कानून का राज सर्वोपरि है
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जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है
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पीड़ितों को न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है
सरकार का संदेश साफ़ है: “जनता की सुरक्षा से समझौता करने वालों के लिए सिस्टम में कोई जगह नहीं।”



