
देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान राजनीतिक दलों से सुझाव और फीडबैक भी प्राप्त किए गए। साथ ही एसआईआर के नोटिस वितरण, दावे-आपत्तियों और सुनवाई प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
77 प्रतिशत मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं नोटिस
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 24 लाख नोटिसों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक लगभग 19 लाख नोटिस, यानी करीब 77 प्रतिशत, बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक फॉर्म-6 के 93 हजार से अधिक, फॉर्म-7 के 1.39 लाख तथा फॉर्म-8 के 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। फॉर्म-7 के सभी आवेदनों का निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) स्तर पर सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
बीएलओ स्तर पर ही दूर हों सामान्य विसंगतियां
डॉ. पुरुषोत्तम ने निर्देश दिए कि सामान्य प्रकार की विसंगतियों से संबंधित नोटिसों का निस्तारण बीएलओ स्तर पर ही आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद किया जाए, ताकि मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, उनके मामलों में ईआरओ और एईआरओ स्तर पर विशेष सुनवाई कर नियमानुसार निर्णय लिया जाए।
दावे और आपत्तियों के लिए निर्धारित की गई सीमा
बैठक में बताया गया कि एक मतदाता अधिकतम पांच मामलों में ही दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकता है। वहीं, राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) एक दिन में अधिकतम 10 तथा पूरे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान कुल 30 फॉर्म ही जमा कर सकेंगे। इससे अधिक मामलों में संबंधित ईआरओ स्वयं जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे उपस्थित
बैठक में भारतीय जनता पार्टी के राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस के सूर्यकांत धस्माना एवं अमेंद्र बिष्ट, बहुजन समाज पार्टी के सतेंद्र चोपड़ा और जसपाल तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के अनंत आकाश सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



