उत्तराखंडराज्य

धान खरीद संकट: बकाया भुगतान न मिलने से आढ़तियों और राइस मिलरों का बहिष्कार

सितारगंज। पिछले वर्षों के बकाया भुगतान न मिलने से नाराज कच्चे आढ़तियों और राइस मिलरों ने इस बार धान खरीद प्रक्रिया का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार उनके पूरे बकाए का भुगतान नहीं करती, तब तक वे न तो आढ़त के माध्यम से धान की खरीद करेंगे और न ही सरकारी कांटों से आए धान की मिलों में कुटाई (कस्टम मिलिंग) करेंगे।

करोड़ों रुपये का बकाया और चावल डंप

वर्तमान में सितारगंज की राइस मिलों में लगभग 51 हजार क्विंटल चावल डंप पड़ा हुआ है। इसके कारण स्थानीय मिलरों का करीब 12 करोड़ रुपये अटका हुआ है।

सितारगंज राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ सिंघल का कहना है कि आढ़ती किसानों को तो 72 घंटे के भीतर भुगतान कर चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से राशि जारी न होने के कारण व्यापारी भारी बैंक कर्ज और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

किसानों का पंजीकरण जारी, लेकिन धरातल पर शून्य तैयारी

खेतों में धान की फसल कटकर पूरी तरह तैयार है और किसान बिक्री के लिए सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण करा रहे हैं।

  • 01 अक्टूबर से सरकारी खरीद शुरू होनी है।

  • सितारगंज SMO (वरिष्ठ विपणन अधिकारी) कार्यालय में अब तक 500 किसान पंजीकरण करा चुके हैं।

  • इसके बावजूद धरातल पर खरीद की कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है।

शासन की ओर से अब तक न तो धान खरीद नीति घोषित की गई है और न ही सरकारी कांटों की स्थिति स्पष्ट है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ग्रामीण कांटों पर धान के भंडारण (स्टोरेज) की व्यवस्था नहीं होती, और इस बार किसी भी मिलर या आढ़ती ने संचालन के लिए आवेदन ही नहीं किया है।

प्रशासनिक पुष्टि और बैंक गारंटी पर गतिरोध

SMO विनय चौधरी ने पुष्टि की है कि सितारगंज में अभी तक किसी भी आढ़ती या राइस मिलर ने खरीद प्रक्रिया के लिए पंजीकरण नहीं कराया है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ सिंघल ने बताया कि जब सरकार पर पहले से ही करोड़ों रुपये बकाया हैं, ऐसे में भारी-भरकम बैंक गारंटी देना व्यापारियों के लिए असंभव है। उन्होंने मांग की है कि पूर्व वर्षों की भांति बैंक गारंटी के स्थान पर FDR या अन्य सुरक्षा व्यवस्था को स्वीकार कर पंजीकरण की अनुमति दी जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button