
रुद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशों के अनुपालन में गुरुवार को राजकीय सम्प्रेक्षण गृह के सभागार में एक विशेष करियर, मार्गदर्शन एवं प्रेरणा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से उन बच्चों के लिए आयोजित किया गया था जिन्होंने कक्षा 8वीं और 9वीं के बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी (स्कूल ड्रॉपआउट)।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और भविष्य में उपलब्ध करियर के विभिन्न अवसरों के प्रति जागरूक कर सही दिशा प्रदान करना था।

करियर और शिक्षा के क्षेत्र में मार्गदर्शन
1. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करियर के अवसर
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ अमित जोशी ने बच्चों को विदेशों में उपलब्ध संभावनाओं के बारे में बताया। उन्होंने विशेष रूप से जर्मनी और जापान में बी.एस.सी. नर्सिंग, उच्च शिक्षा तथा रोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी।
2. NIOS के माध्यम से अधूरी पढ़ाई पूरी करने की सुविधा
संकल्प फाउंडेशन के अमित पांडे ने बच्चों को ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग’ (NIOS) की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बच्चे NIOS के ज़रिए कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं की पढ़ाई दोबारा पूरी कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने जीवन में शिक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकार
1. तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच
‘इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट’ की परियोजना निदेशक बिंदु वासिनी ने बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को:
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तनाव और मानसिक दबाव से दूर रहने के उपाय बताए।
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अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करने की सीख दी।
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सकारात्मक सोच के साथ एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने का मार्गदर्शन किया।
2. सरकारी योजनाएं एवं चाइल्ड हेल्पलाइन (1098)
जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन ने महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में बताते हुए कहा कि:
किसी भी प्रकार की असुरक्षा, हिंसा, शोषण या सहायता की आवश्यकता होने पर तुरंत 1098 पर संपर्क किया जा सकता है।
3. बाल कल्याण समिति द्वारा समस्याओं का समाधान
बाल कल्याण समिति के सदस्य गौरव तागरा ने बच्चों की व्यक्तिगत समस्याओं को सुना। उन्होंने बच्चों को आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर संबंधित विभाग या प्राधिकरण को सूचित कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
संवाद एवं समाधान
कार्यक्रम के अंतिम चरण में बच्चों ने विभिन्न करियर विकल्पों और भविष्य की संभावनाओं को लेकर उपस्थित विशेषज्ञों से सीधे सवाल-जवाब किए और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी व प्रतिनिधि
इस अवसर पर निम्नलिखित अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे:
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व्योमा जैन (जिला प्रोबेशन अधिकारी)
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राजेश दुर्गापाल (जिला सेवायोजन अधिकारी)
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उमेष कुमार (अपर सांख्यिकी अधिकारी)
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अमित पांडे (प्रभारी किंशिप)
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अमित जोशी (संकल्प फाउंडेशन, चंपावत)
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बिंदु वासिनी (परियोजना निदेशक, इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट)
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गौरव तागरा (सदस्य, बाल कल्याण समिति)



