उत्तराखंडराज्य

खनन सत्र की शुरुआत को लेकर प्रशासन की उच्चस्तरीय बैठक, 15 अक्टूबर तक माइनिंग टैग अनिवार्य

रुद्रपुर। आगामी खनन सत्र के शुरू होने के दृष्टिगत जनपद में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा की अध्यक्षता एवं जिला खान अधिकारी के संयोजन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समस्त खनन पट्टाधारकों, अनुज्ञा धारकों, स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट, हॉट मिक्स व रेडीमिक्स प्लांट स्वामियों तथा भंडारण अनुज्ञाधारकों ने भाग लिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी खनन सत्र को सुचारू रूप से संचालित करना और सभी तकनीकी व प्रक्रियात्मक बाधाओं को समय रहते दूर करना था।

माइनिंग टैग (Mining Tag) के लिए 15 अक्टूबर की समय-सीमा

प्रशासन द्वारा वाहनों में माइनिंग टैग लगाने हेतु 15 अक्टूबर तक की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है:

  • विशेष शिविर: वाहन स्वामियों व ट्रांसपोर्टरों की सुविधा के लिए प्रत्येक तहसील में विशेष कैंप लगाए गए हैं।

  • अनिवार्य निर्देश: सभी संबंधित पक्षों को अपने वाहनों में माइनिंग टैग अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए गए हैं।

वेब्रिज व सीसीटीवी का विभागीय पोर्टल से एकीकरण (Integration)

बैठक में पारदर्शी निगरानी प्रणाली पर जोर देते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए गए:

  • डिजिटल एकीकरण: सभी धर्म कांटों (वेब्रिज) और सीसीटीवी कैमरों को विभागीय पोर्टल से जोड़ना (इंटीग्रेट करना) अनिवार्य कर दिया गया है।

  • तत्काल कार्रवाई: जिन संस्थानों ने अभी तक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है, उन्हें तुरंत पोर्टल इंटीग्रेशन कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

‘खनिज मित्र ऐप’ और ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था

  • खनिज मित्र ऐप: खनिज गतिविधियों की पारदर्शी रिपोर्टिंग और रियल-टाइम निगरानी के लिए ‘खनिज मित्र ऐप’ की कार्यप्रणाली व आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।

  • वाहन खराब होने की डिजिटल सूचना: परिवहन के दौरान यदि कोई वाहन खराब होता है, तो उसकी सूचना तुरंत डिजिटल माध्यम से विभाग को उपलब्ध कराने की व्यवस्था समझाई गई।

समस्याओं का निस्तारण व सख्त दिशा-निर्देश

  • जिज्ञासाओं का समाधान: बैठक के दौरान हितधारकों (पट्टाधारकों व प्लांट स्वामियों) द्वारा उठाई गई समस्याओं और शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया, ताकि खनन कार्य शुरू होने के बाद किसी तरह का व्यवधान न आए।

  • नियमों का कड़ाई से पालन: अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि खनन कार्य प्रारंभ होने के साथ ही सभी निर्धारित नियमों, शर्तों और विभागीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत व कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

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