उत्तर प्रदेशराज्य

वाराणसी में स्वच्छता के नए रूल जान लें, सड़क पर थूका तो 1000 का जुर्माना, कूड़ा फेंका तो…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में स्वच्छता अभियान की शुरुआत अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के अस्सी घाट से शुरू किया था। इस अभियान को लगातार आगे भी बढ़ाया गया। अब मोदी की उसी काशी में स्वच्छता अभियान को लेकर नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता नियमावली 2021 पूरी तरह लागू कर दी गई है। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने सोमवार को सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर नियमावली की विस्तृत जानकारी दी। विभागों को नई जुर्माना बुक वितरित की गई। इस दौरान 2017 में लागू पुरानी नियमावली और जुर्माना बुक को तत्काल प्रभाव से अमान्य घोषित कर दिया गया।

नगर आयुक्त ने बताया कि अब स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर तत्काल जुर्माना लगेगा। बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर तक की कार्रवाई का भी प्रावधान है। नई स्वच्छता नियमावली के तहत नगर निगम ने 33 बिंदुओं में जुर्माने का प्रावधान किया है। अब वाहन से चलते वक्त कूड़ा फेंकने या थूकने पर 1000 जुर्माना लिया जाएगा। पालतू जानवरों जैसे डॉगी को सार्वजनिक स्थान पर पॉटी कराने पर 500 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। किसी भी खुले मैदान, उद्यान या खाली जमीन पर गंदगी फैलाने पर 500 रुपये जुर्माना देना होगा। नदियों, सीवर या जलमार्ग में पूजा सामग्री फेंकने या गंदगी पर 750 रुपये जुर्माना तय किया गया है। सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी पर भी 500 रुपये जुर्माना लगेगा। शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, धार्मिक स्थलों या विरासत भवनों के पास गंदगी पर 750 रुपये देना होगा। अपने घर या परिसर में मलबा या कचरा 24 घंटे से ज्यादा रखने पर 500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।

प्लास्टिक और निर्माण मलबे पर भी सख्ती

प्रतिबंधित प्लास्टिक या थर्माकोल के उत्पादन, वितरण या उपयोग पर भी कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे मामलों में अधिनियम 2000 और 2018 के तहत स्थलीय जुर्माना वसूला जाएगा। निर्माण मलबा या तोड़-फोड़ का कचरा सड़कों या नालियों के किनारे फेंकने पर 3000 रुपये का जुर्माना देना होगा।

बिना सेफ्टी के कार्य पर जुर्माना

कोई कर्मचारी, ठेकेदार या अभिकर्ता ने समुचित सुरक्षारात्मक उपकरण के बिना किसी व्यक्ति को सेप्टेज, गंदे नाले और मलकुंड को हाथ से कार्य कराया तो पांच हजार रुपये जुर्माना देना होगा। जानवरों के पेशाब करने या जानवरों को इस तरह खाना डालने जिससे कचरा फैलता हो, उस पर 250 रुपये जुर्माना लगेगा। बिना ढंके कचरा लदे वाहन चलाने पर 2000 रुपये और नालियों में अपशिष्ट डालने पर 500 रुपये का जुर्माना तय किया गया है।

संस्थान भी होंगे जिम्मेदार

नगर निगम ने साफ किया है कि सिर्फ आम नागरिक ही नहीं, संस्थान और आयोजन स्थल भी इसके दायरे में आएंगे। यदि कोई स्कूल, अस्पताल, होटल, रेस्टोरेंट या आयोजन स्थल पृथक्कृत कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन नहीं करते हैं तो प्रतिमाह अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाएगा। भंडारा या लंगर आयोजन करने वालों को भी स्थल पर अलग-अलग डिब्बे रखना अनिवार्य किया गया है, अन्यथा 2000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

ऐसा करने पर लगेगा जुर्माना

– सड़क पर थूकने, लघुशंका या शौच करने, जानवरों के खिलाने के उद्देश्य से खाद्य सामग्री को छोड़ने पर 250 रुपये।

– खुली या रिक्त भूमि, खेल मैदान या उद्यान में गंदगी पर पहली बार 500 रुपये।

– सड़क, फुटपाथ, डिवाइडर इत्यादि के पास गंदगी पर 500 रुपये।

– जान-बूझकर अपने परिसर या सम्पत्ति में किसी भी अपशिष्ट, मलबे, गंदगी 24 घंटे से अधिक समय तक रखने पर 500 रुपये।

– पालतू जानवरों को सार्वजनिक स्थान पर मलत्याग कराने, सड़कों-पार्कों-सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकने पर 500 रुपये।

– पालतू जानवर द्वारा खुले में मल त्याग की स्थिति में स्वामी मल को अपने घर ले जाएगा, ताकि इसका निस्तारण बहाकर किया जा सके। ऐसा नहीं करने पर 500 रुपये।

– किसी जलस्त्रोत के किनारे या जलीय प्रणाली जैसे नदी, जलमार्ग, सीवर में गंदगी बहाने पर 750 रुपये।

– मछली, मुर्गा और मांस अपशिष्ट फेंकने पर 750 प्रतिमाह जुर्माना का वसूला जायेगा।

– वाहन चलाते समय या खड़े वाहन से कूड़ा फेंकने या यात्री द्वारा थूकने पर 1000 रुपये।

– खुले नालों या मैनहोलों में ऐसी सामग्री को जमा करने या कराने जिससे सीवर लाइन जाम होने पर 1000 रुपये।

-उपबन्ध नगरीय स्थानीय निकाय के कर्मचारी खुले नालों में मार्गों की सफाई से निकला कूड़ा-करकट, सेप्टिक टैंक से निकली गाद अपशिष्ट उत्सर्जक के निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट आदि को जमा करते हैं तो 1000 रुपये।

– बिना ढंके (अनकवर्ड) किसी ट्रक या अन्य वाहन को चलाना या उसको एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने पर 2000 रुपये।

– नगर निगम के वाहनों, कन्टेनरों, डिब्बों, हाथ-गाड़ी सामग्री को क्षतिग्रस्त करने या बिना अनुज्ञा के हटाने पर 2000 रुपये।

– नदियों, जलाशयों, नालों, जल-ग्रहण क्षेत्रों आदि में अनुपयुक्त तरीके से मानव या पशुओं के शवों के निस्तारण पर 3000 रुपये।

– अपने स्वामित्व या नियंत्रण वाले परिसर में जल जमाव, अपशिष्ट फेंकने, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, अस्वच्छ स्थितियों, दरार होने पर 5000 रुपये।

– अन्य विनिर्दिष्ट, के अन्तर्गत विक्रय स्थल पर किसी विक्रेता, फेरीवाले द्वारा अपृथक्कृत जैव नाशित और अन्य अपशिष्ट रखे जाने पर 25 रुपये प्रतिदिन।

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