उत्तर प्रदेशराज्य

एक मामले में बीमारी का बहाना लगाकर दूसरे में बहस, वकील के रवैये से हाई कोर्ट खफा, लगाया हर्जाना

प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील पर 20 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है. वकील बीमारी का बहाना बनाकर एक कोर्ट में पेश नहीं हुई, जबकि दूसरी कोर्ट में हाजिर रहा. कोर्ट ने गुमराह करने की कोशिश मानते हुए इसे गंभीरता से लिया और जुर्माना लगाया.

यह आदेश न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने वाराणसी के कैंट थाने में दर्ज मुकदमे की एक अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि संबंधित वकील ने न केवल बीमारी का गलत बहाना बनाया, बल्कि यह भी नहीं बताया कि याचियों को पहले ही एक अन्य मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिल चुकी है.

कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वकील का आचरण यह दर्शाता है कि उन्होंने न्यायालय को धोखा देने का प्रयास किया, जो न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप के समान है. वकील होने के नाते यह उनका कर्तव्य है कि वह सही तथ्यों के साथ न्यायालय की सहायता करें ताकि कोर्ट का बहुमूल्य समय बचाया जा सके. अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करने वालों का कहना था कि उनके व शिकायतकर्ता के बीच कई विवाद चल रहे हैं और दुर्भावना के कारण नया मामला दर्ज कराया गया.

सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि इसी प्रकरण में याचियों को पहले ही एक अन्य मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण मिल चुका है. शिकायतकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि याचियों के अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने जहां एक ओर बीमारी का हवाला देकर इस मामले में अनुपस्थिति जताई, वहीं दूसरी ओर वह उसी दिन एक विशेष अपील में दूसरी कोर्ट में उपस्थित हुए और एक सीनियर एडवोकेट को सहयोग किया.

इसे गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी. साथ ही वकील पर 20 हजार रुपये का हर्जाना लगाते हुए एक महीने के भीतर जमा करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने यह भी कहा कि निर्धारित समय में जुर्माना नहीं जमा किया गया तो मामले को यूपी बार कौंसिल के समक्ष उचित कार्रवाई के लिए भेजा जा सकता है. कोर्ट ने इसी के साथ याची अरुण कुमार यादव व शिव प्रकाश सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button