
देहरादून में सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में जाईका वित्तपोषित उत्तराखंड एकीकृत बागवानी विकास परियोजना से संबंधित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में बागवानी क्षेत्र के विस्तार, उत्पादन वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाने को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।
बागवानी क्षेत्र की अपार संभावनाओं पर जोर
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखंड में उन्नत बागवानी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि एक समग्र बागवानी विकास योजना तैयार की जाए, जिससे उत्पादन और विपणन दोनों को मजबूती मिल सके।
किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए किसानों को हैंड होल्डिंग सपोर्ट, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से ग्राफ्टिंग तकनीक के प्रशिक्षण पर बल दिया, जिससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाते हैं, तो राज्य में बागवानी उत्पादन का स्तर काफी बेहतर हो सकता है।
क्लस्टर एप्रोच से बढ़ेगा उत्पादन और विपणन
बैठक में मुख्य सचिव ने क्लस्टर एप्रोच अपनाने के निर्देश दिए, ताकि संगठित तरीके से उत्पादन, प्रोसेसिंग और विपणन को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी और उनकी आय में सुधार होगा।
कोल्ड स्टोरेज और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर
मुख्य सचिव ने बागवानी उत्पादों के बेहतर संरक्षण और वितरण के लिए कोल्ड स्टोरेज और सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उन्नत किस्मों के उत्पादन और क्षेत्र विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया जाए, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिल सके।
योजनाओं में दोहराव से बचने के निर्देश
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि विभिन्न योजनाओं में किसी प्रकार की डुप्लीकेसी न हो, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग प्रणाली को मजबूत किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि परियोजना समाप्त होने के बाद भी किसानों को निरंतर सहायता मिलती रहे।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस दिशा में उद्यान विभाग की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में सचिव एस.एन. पाण्डेय, डीजी उद्यान वंदना सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



