उत्तराखंडराज्य

मुख्यमंत्री धामी बोले- उत्तराखंड में कानून व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान से कोई समझौता नहीं

खटीमा में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक संरक्षण, शिक्षा सुधार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर सरकार की सख्त नीतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन को सुरक्षित रखने के लिए लगातार निर्णायक कदम उठा रही है।

अवैध अतिक्रमण और निर्माणों पर सरकार की सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में अवैध अतिक्रमण और सरकारी भूमि पर कब्जे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने वन भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों के खिलाफ सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है, जिसके तहत दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई दंगाइयों से ही कराई जा रही है।

सड़कों पर धार्मिक आयोजनों को लेकर सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक सड़कों पर यातायात बाधित कर धार्मिक आयोजन करने वालों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सड़कों पर नमाज पढ़ने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।

मदरसा व्यवस्था में बदलाव और अवैध संस्थानों पर कार्रवाई

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड में वही मदरसे संचालित होंगे, जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में अवैध रूप से संचालित 250 से अधिक मदरसों को बंद कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना है, ताकि बच्चों को आधुनिक और मानक आधारित शिक्षा मिल सके।

ऑपरेशन कालनेमि के तहत कार्रवाई जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के खिलाफ “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज में शांति और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नकल विरोधी कानून से भर्ती प्रक्रिया में आई पारदर्शिता

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है।

उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है, जबकि 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नकल माफियाओं ने भर्ती प्रक्रिया को उद्योग बना दिया था, लेकिन सरकार ने इस पर सख्त नियंत्रण किया है।

समान नागरिक संहिता को बताया ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि धर्मांतरण और अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है और देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष आशा बिष्ट, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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