
देहरादून में उत्तराखंड जन समर्थन पार्टी (यूजेएसपी) ने राजनीतिक शोर-शराबे से अलग हटकर राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा की और विशेष रूप से पहाड़ों से हो रहे पलायन और उससे जुड़े सामाजिक-आर्थिक संकट को मुख्य विषय बनाया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तरांचल प्रेस क्लब में किया गया, जिसमें पार्टी ने अपनी विचारधारा और भविष्य की दिशा भी प्रस्तुत की।
पलायन पर आधारित विज़न फिल्म से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति पर आधारित सात मिनट की एक विज़न फिल्म से हुई। इस फिल्म में खाली होते गांव, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी तथा युवाओं में बढ़ती निराशा को प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया। फिल्म ने राज्य के सामने खड़े गंभीर पलायन संकट को उजागर किया।
पलायन केवल आर्थिक नहीं, भरोसे का संकट भी है: हरेंद्र कनेरी
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र कनेरी ने अपने संबोधन में कहा कि वे किसी नेता की तरह नहीं, बल्कि एक आम उत्तराखंडी के रूप में अपनी बात रखना चाहते हैं। उन्होंने चमोली जिले के नारायणबगड़ ब्लॉक से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें भी पहाड़ छोड़कर देहरादून आना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पलायन केवल आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि यह “भरोसे के टूटने” का परिणाम है। कनेरी ने यह भी कहा कि आज कई युवा अपनी गढ़वाली पहचान बताने में संकोच करते हैं, क्योंकि समाज में पहाड़ और गरीबी को एक साथ जोड़ दिया गया है।
संस्कृति और भाषा पर मंडराता संकट
हरेंद्र कनेरी ने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति और लोक कलाकारों का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सोच में बदलाव जरूरी है, ताकि अपनी जड़ों के प्रति गर्व की भावना फिर से मजबूत हो सके।
वोटिंग पैटर्न और जन जागरूकता पर सवाल
अपने संबोधन में उन्होंने जनता के मतदान व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब तक लोग जाति, धर्म या लहर के आधार पर मतदान करते रहेंगे, तब तक असली मुद्दे पीछे ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि वास्तविक बदलाव तभी आएगा जब जनता अपने बुनियादी मुद्दों को समझकर निर्णय लेगी।
खुद को बताया पॉलिटिकल स्टार्टअप, पेश किए छह संकल्प
यूजेएसपी ने खुद को एक “पॉलिटिकल स्टार्टअप” बताते हुए समाधान आधारित राजनीति की बात की। पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि निर्यात, पर्यटन, रोजगार तथा भूमि और संस्कृति संरक्षण को अपने छह प्रमुख संकल्पों के रूप में प्रस्तुत किया।
इसके साथ ही जनसंवाद और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की गई।
कार्यक्रम में कई पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष धन सिंह नेगी, मुख्य महासचिव अनिल जुयाल, प्रदेश महासचिव अरुण रावत, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष सूरज नेगी, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष अंजली उनियाल और महासचिव सरवेश सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।



