
रुद्रपुर। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जिले में हाल ही में सामने आए पॉक्सो प्रकरण का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। आयोग के सदस्य योगेश रजवार ने संबंधित विभागों को पीड़ित बच्चों की सुरक्षा, सहायता और अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
पीड़ित बच्ची और परिवार को मिलेगी सहायता
बैठक में योगेश रजवार ने बाल कल्याण समिति को निर्देश दिए कि पीड़ित बच्ची और उसके माता-पिता की नियमित काउंसलिंग की जाए, ताकि उन्हें मानसिक और सामाजिक सहयोग मिल सके।
उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि पीड़ित परिवार को सरकार की सभी संबंधित योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
आयोग सदस्य ने पुलिस विभाग को मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच इस तरह की जाए कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह के घिनौने अपराध को करने का साहस न कर सके।
उन्होंने होटल और स्पा सेंटरों में भी नियमित छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
स्कूलों में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
योगेश रजवार ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी विद्यालयों में अभिभावकों के साथ विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाए और बच्चों को भी जागरूक किया जाए।
उन्होंने सभी विद्यालयों में पुलिस, महिला कल्याण विभाग और बाल कल्याण समिति के माध्यम से पॉक्सो कानून को लेकर संयुक्त जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
आयोग सदस्य ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करें, ताकि देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी विभव सैनी, सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सैनी, जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. रत्नेश सिंह, सदस्य चंद्रकला, उमेश सिंह, गौरव तगड़ा, रजनीष बत्रा, सपोर्ट पर्सन दीपा, चाइल्ड हेल्पलाइन कोऑर्डिनेटर चांदनी और विधि सह परिवीक्षा अधिकारी विनीत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



