
रुद्रपुर। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत संचालित द्वितीय स्तंभ ‘यात्रा’ कार्यक्रम के तहत ऊधमसिंहनगर जिले से चयनित श्रद्धालुओं के दल को गुजरात स्थित पवित्र सोमनाथ धाम के लिए रवाना किया गया।
अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने श्रद्धालुओं के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सभी को यात्रा की सफलता, सुरक्षित प्रवास एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
भारतीय संस्कृति और विरासत से जोड़ने का अभियान
अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने बताया कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष और मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय अभियान के तहत उत्तराखंड सरकार की ओर से श्रद्धालुओं को सोमनाथ धाम की यात्रा कराई जा रही है, ताकि वे देश की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ सकें।
समाज के विभिन्न वर्गों को दिया गया प्रतिनिधित्व
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि इस यात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों को शामिल किया गया है। इसमें महिलाएं, युवा पेशेवर, विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिक, स्वयंसेवक, सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, शिक्षाविद, वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य विशिष्ट लोग शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय विरासत से जोड़ना है।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के किए गए इंतजाम
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यात्रा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रियों के साथ चिकित्सक दल और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारतीय अस्मिता, अटूट आस्था, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। यह यात्रा श्रद्धालुओं को भारत के गौरवशाली इतिहास, आध्यात्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से समझने का अवसर प्रदान करेगी।
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे श्रद्धालु
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ मंदिर दर्शन, सोमनाथ संकल्प संवाद, लाइट एंड साउंड शो, भजन संध्या, फ्लैग मार्च, महाआरती, प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्थानीय दर्शनीय स्थलों के भ्रमण में शामिल होंगे।
इसके साथ ही उन्हें सोमनाथ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे भारत की प्राचीन विरासत के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना को बढ़ावा मिलेगा।
उत्तराखंड के सांस्कृतिक दूत बनकर लौटें श्रद्धालु: उपाध्याय
अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान अनुशासन, स्वच्छता और मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक दूत के रूप में अपनी सकारात्मक पहचान प्रस्तुत करें और यात्रा से प्राप्त अनुभवों को समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाएं।
विदाई कार्यक्रम में अधिकारी और परिजन रहे मौजूद
इस अवसर पर नोडल अधिकारी एवं महाप्रबंधक उद्योग विपिन कुमार, स्वयंसेवक, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालुओं के परिजन उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुखद, सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की।



