
नई दिल्ली। केंद्रीय विद्युत राज्यमंत्री श्रीपाद नाइक ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक प्रगति और दीर्घकालिक आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार भी है। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक देश की भौगोलिक परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और विकास संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियां और रणनीतियां तैयार की जानी चाहिए।
ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के लिए महत्वपूर्ण अवसर
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता दृढ़ता, नवाचार, सहयोग और स्थायी ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने का अहम अवसर प्रदान करती है। उनके अनुसार, विकासशील देशों के बीच आपसी सहयोग से स्वच्छ ऊर्जा को तेजी से अपनाया जा सकेगा, जिससे ऊर्जा सुरक्षा और समावेशी विकास के साझा उद्देश्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।
स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उल्लेखनीय उपलब्धियां
श्रीपाद नाइक ने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत करीब 2.86 करोड़ घरों तक बिजली पहुंचाई गई है। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से 10.5 करोड़ से अधिक परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराकर स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है।
गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता में लगातार वृद्धि
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत उत्पादन क्षमता 288 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि रूफटॉप सोलर, सोलर पंप, मिनी ग्रिड और माइक्रो ग्रिड जैसी विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय रोजगार को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं।
पीएम सूर्य घर योजना से लाखों परिवारों को लाभ
उन्होंने जानकारी दी कि पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक लगभग 40 लाख परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। इस योजना के माध्यम से उपभोक्ता केवल बिजली के उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादन प्रक्रिया के भागीदार भी बन रहे हैं।
स्वच्छ ऊर्जा विस्तार के लिए निवेश और वित्तीय सहयोग जरूरी
श्रीपाद नाइक ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार के लिए सस्ती और दीर्घकालिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रिड के आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण और वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर निवेश की जरूरत होगी। इस दिशा में न्यू डेवलपमेंट बैंक जैसे वित्तीय संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी।
तकनीक और नवाचार में सहयोग बढ़ाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के लिए मजबूत और विविध आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच तकनीक, विनिर्माण, नवाचार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाकर सुरक्षित, किफायती और विश्वसनीय ऊर्जा प्रणाली विकसित की जा सकती है।
सभी के लिए सुलभ और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था बनाने की जरूरत
अपने संबोधन के अंत में श्रीपाद नाइक ने कहा कि भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी ऊर्जा व्यवस्था विकसित करना है जो सभी के लिए सुलभ, किफायती, भरोसेमंद और सतत आर्थिक विकास को गति देने वाली हो।



