
देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (Vibrant Village Program) की राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति (SLSC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम के प्रथम और द्वितीय चरण (Phase-1 & Phase-2) के तहत प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
बुनियादी सुविधाओं और कनेक्टिविटी पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास और रणनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही परियोजनाओं का चयन किया जाए:
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प्राथमिकता वाले क्षेत्र: सीमावर्ती इलाकों में सड़क, विद्युत ग्रिड कनेक्टिविटी, मोबाइल नेटवर्क, टेलीविजन, संचार सुविधाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए।
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आजीविका व रोजगार: बुनियादी ढांचे के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाली योजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
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सुरक्षा बलों की जरूरतें: प्रस्ताव तैयार करते समय सेना, एसएसबी (SSB) और आईटीबीपी (ITBP) से संबंधित आवश्यक परियोजनाओं को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए।
हर जिले से बनेंगे 5 बड़े प्रोजेक्ट; अन्य योजनाओं से भी होगा वित्तपोषण
विकास कार्यों की कार्ययोजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्य सचिव ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए:
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प्राथमिकता क्रम (Priority Ranking): केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्तावों की सूची प्राथमिकता के अवरोही क्रम (Descending Order) में तैयार की जाएगी। संबंधित जिलों से प्राथमिकता सूची प्राप्त होने के बाद ही अंतिम प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा।
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प्रति जिला 5 प्रमुख प्रोजेक्ट: वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से जुड़े प्रत्येक सीमावर्ती जिले को अपने क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 5-5 बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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वित्तीय संसाधनों का समन्वय: जिन परियोजनाओं को केंद्र या राज्य सरकार की अन्य योजनाओं (Convergence) से बजट मिल सकता है, उन्हें उनसे वित्तपोषित कराया जाएगा। इससे वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत अन्य जरूरी प्रोजेक्ट्स को शामिल करने का अवसर मिलेगा।
बैठक में उपस्थित प्रमुख वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक (कारागार) अभिनव कुमार, सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, सी. रविशंकर, पुलिस महानिरीक्षक (IG) डॉ. नीलेश आनंद भरणे सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



