
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से आगामी त्योहारों के दौरान स्थानीय उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता देने की अपील की है। मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री ने ‘सशक्त बहना उत्सव’ के तहत स्वयं सहायता समूहों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्थानीय उत्पादों की खरीदारी भी की।
स्थानीय उत्पाद उत्तराखंड की संस्कृति और हुनर की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति द्वारा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पाद प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और हुनर का प्रतीक हैं। इन उत्पादों की खरीदारी से महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलने के साथ उनकी आजीविका भी मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
त्योहारों में बढ़ाएं स्थानीय उत्पादों की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का बेहतर अवसर प्रदान करते हैं। प्रदेशवासियों को त्योहारों के दौरान उपहार और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी में स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार किसी भी उत्पाद की खरीद सीधे तौर पर किसी परिवार की आय बढ़ाने, महिला के स्वरोजगार को मजबूत करने और प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में योगदान करती है।
‘वोकल फॉर लोकल’ को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान से देशभर में स्थानीय उत्पादों के प्रति लोगों का विश्वास और आकर्षण बढ़ा है। राज्य सरकार भी महिला स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस त्योहारी सीजन में स्थानीय उत्पाद खरीदने के साथ ही अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाने से आत्मनिर्भर उत्तराखंड और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।



