उत्तराखंडराज्य

यूजीसी एक्ट-2026 के विरोध में आदर्श चौहान मंच की बैठक

हरिद्वार। ज्वालापुर स्थित आदर्श चौहान मंच, हरिद्वार के कार्यालय में मंच की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष डॉ. केपीएस चौहान ने की। इस दौरान केंद्र सरकार के कथित यूजीसी एक्ट-2026 को लेकर पदाधिकारियों और सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का विरोध

बैठक में 21 अगस्त से दिल्ली के जंतर-मंतर पर यूजीसी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज के छात्र-छात्राओं द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन का मुद्दा भी उठाया गया। मंच ने प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज पर विरोध जताया।

मंच की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। पदाधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।

डॉ. चौहान बोले—यूजीसी एक्ट तत्काल वापस लिया जाए

मंच अध्यक्ष डॉ. केपीएस चौहान ने कहा कि सरकार को यूजीसी एक्ट-2026 को तत्काल वापस लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून से सवर्ण समाज के छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय हो रहा है।

उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज किसी भी प्रकार का उत्पीड़न स्वीकार नहीं करेगा और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।

जनप्रतिनिधियों से समाज के मुद्दे उठाने की अपील

डॉ. चौहान ने कहा कि सवर्ण समाज से जुड़े नेता, विधायक और मंत्री, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित हों, उन्हें अपने समाज से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार विभिन्न समाजों के जनप्रतिनिधि अपने समुदाय और आरक्षण से जुड़े विषयों को लेकर आवाज उठाते हैं, उसी प्रकार सवर्ण समाज के जनप्रतिनिधियों को भी अपने समाज के हितों की पैरवी करनी चाहिए।

सरकार से सवाल करना लोकतांत्रिक अधिकार

डॉ. चौहान ने कहा कि नागरिकों और कार्यकर्ताओं द्वारा सरकार या किसी संगठन से सवाल करना लोकतंत्र में विद्रोह नहीं है। संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने तथा सरकार की कमियों या कथित ज्यादतियों को सामने रखने का अधिकार देता है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और सवाल उठाना नागरिकों के अधिकारों का हिस्सा है।

एससी/एसटी एक्ट में सुधार की भी मांग

मंच अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से यूजीसी एक्ट वापस लेने के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट में सुधार करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून का इस्तेमाल किसी वर्ग के उत्पीड़न के लिए नहीं होना चाहिए और सभी नागरिकों के साथ समानता का व्यवहार किया जाना चाहिए।

चुनाव में राजनीतिक विकल्प पर विचार की बात

डॉ. चौहान ने कहा कि सवर्ण समाज किसी राजनीतिक दल का पिछलग्गू नहीं है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में समाज अपने राजनीतिक विकल्पों पर विचार करेगा और आवश्यकता पड़ने पर नोटा का विकल्प भी अपनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि समाज के इस रुख का राजनीतिक प्रभाव संबंधित राजनीतिक दलों को भुगतना पड़ सकता है।

बैठक में ये पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद

बैठक में दीपक चौहान, सुबोध कुमार चौहान, विक्रम चौहान, अशोक कुमार, संजय कुमार, कुलदीप कुमार, प्रशांत कुमार चौहान, सत्यवीर चौहान, विजय लक्ष्मी, हीना, रीचा राजपूत, सुषमा चौहान, बृजभूषण कुमार, मुकेश चौहान, सुभाष चंद्र चौहान, विनीत चौहान और सतीश चौहान समेत मंच के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button