
देहरादून में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा 2026 को बेहतर बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रा प्रबंधन में व्यावसायिक सोच से ऊपर उठकर मानवीय संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सरकार की व्यक्तिगत जिम्मेदारी बताया गया।
ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा अभियान को मिलेगा नया विस्तार
इस वर्ष “ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा” अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। यात्रा मार्गों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर कलेक्शन बॉक्स लगाए जाएंगे और प्लास्टिक उपयोग पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। स्वच्छता को यात्रा का मुख्य आधार बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
फर्जी खबरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि चारधाम यात्रा से संबंधित कोई भी भ्रामक या फर्जी सूचना फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को सतर्क रहने और सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
हेली सेवाओं में सुरक्षा और मानकों पर विशेष ध्यान
हेली सेवाओं के संचालन को लेकर भी कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी हेलीकॉप्टरों की नियमित मेंटेनेंस और फिटनेस जांच अनिवार्य होगी। साथ ही निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पूरी सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि यात्रियों की सुरक्षा में कोई कमी न रहे।
डिजिटल सिस्टम से भीड़ नियंत्रण और पंजीकरण व्यवस्था मजबूत
यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और स्लॉट सिस्टम लागू किया जाएगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ और सरल बनाने के साथ अतिरिक्त पंजीकरण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार
यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्याप्त मेडिकल यूनिट, अस्थायी अस्पताल, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, पशुओं के उपचार हेतु पशु चिकित्सालयों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का उपयोग
यात्रा मार्गों पर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय रखा जाएगा और आवश्यकता अनुसार एआई आधारित निगरानी प्रणाली भी लागू की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सेवाएं संचालित की जाएंगी।
ट्रैफिक प्रबंधन और आपदा तैयारी पर विशेष फोकस
यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा, जिससे जाम की स्थिति न उत्पन्न हो। वैकल्पिक मार्गों की पहचान की जाएगी और एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ को अलर्ट मोड में रखा जाएगा। जोखिम वाले क्षेत्रों में पहले से संसाधन तैनात किए जाएंगे।
ओवररेटिंग पर रोक और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए ताकि ओवरचार्जिंग पर रोक लग सके। साथ ही गैस, पेट्रोल, डीजल और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति यात्रा अवधि के दौरान बाधित न हो, इसके लिए दैनिक निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने यात्रा को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव और तैयारियों की जानकारी साझा की।



