यूपी में ज्यादा भवन निर्माण के लिए लेनी होगी अनुमति, आवास विभाग ने गठित की समिति

अगर आप भी ऊंचा अपार्टमेंट बनवाने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। यूपी सरकार ने ऊंचे अपार्टमेंट बनाने के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) देने की व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। अब बदली हुई व्यवस्था के तहत ही ऊंचे अपार्टमेंट बनवाए जा सकेंगे। इसको लेकर यूपी सरकार ने निर्मित एवं अनिर्मित क्षेत्रों में एफएआर क्रय योग्य एफएआर की संस्तुति देने के लिए विकास प्राधिकरणों में उपाध्यक्ष और आवास विकास परिषद् में आवास आयुक्त की अध्यक्षता में समिति का गठन कर दिया है। अब इसी समिति के माध्यम से एफएआर की संस्तुति की जाएगी। पहले यह अधिकार विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद बोर्ड के पास था।
प्रमुख सचिव आवास पी गुरु प्रसाद ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। आवास आयुक्त और सभी विका प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को भेजे गए आदेश में नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। बता दें कि पहले की व्यवस्था में एफएआर की अनुमन्यता की संस्तुति आवास विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की बोर्ड बैठक में दी जाती थी। इस व्यवस्था में कई तरह की व्यवहारिक दिक्कतों को देखते हुए आवास विभाग ने एफएआर देने की व्यवस्था में बदलाव कर दिया है।
मानचित्र का परीक्षण स्थलीय निरीक्षण भी कर सकेगी समिति
नई व्यवस्था के तहत अब यह समिति जरूरी होने पर एफएआर की संस्तुति देने से पहले क्रय एवं प्रिमियम क्रय योग्य एफएआर से संबंधित मानचित्र का परीक्षण स्थलीय निरीक्षण भी कर सकेगी। यह समिति प्रस्तावित निर्माण के सापेक्ष सेट बैक, स्ट्रक्चरल सेफ्टी, अग्निशमन सुरक्षा, पार्किंग सुविधा और अवस्थापना सुविधाओं के लिएतय मानकों का परीक्षण करने बाद ही एफएआर देने की संस्तुति करेगी। समिति की संस्तुति के आधार पर ही क्रय योग्य एफएआर की अनुमन्यता के बारे में फैसला लिया जाएगा।
वीसी आवास आयुक्त होंगे समिति के अध्यक्ष
विकास प्राधिकरणों में उपाध्यक्ष और आवास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित 8 सदस्यीय समिति में संबंधित जिले के डीएम द्वारा नामित एडीएम, लोनिवि और जल निगम के मुख्य अभियंता द्वारा नामित अधीक्षण अभियंता, सहायक नगर नियोजक, स्थानीय अग्निशमन अधिकारी को बतौर सदस्य समिति में रखा गया है। इनके अलावा स्थानीय आवास विकास परिषद और संबंधित विकास प्राधिकरणों के मुख्य अभियंताओं व नगर नियोजकों को भी समिति का सदस्य बनाया गया है।



