
रुद्रपुर के बागवाला क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत विकसित की जा रही ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासीय परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यह परियोजना उत्तराखंड की सबसे बड़ी आवासीय योजनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसके तहत 1872 गरीब परिवारों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन तथा सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की निगरानी में इस परियोजना को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
किफायती दरों पर आधुनिक आवास की सुविधा
इस योजना के अंतर्गत बनाए गए फ्लैटों की अनुमानित लागत लगभग 6 लाख रुपये है, लेकिन लाभार्थियों को केवल 3 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। शेष 3 लाख रुपये की राशि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा समान रूप से (डेढ़-डेढ़ लाख रुपये) सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी।
सरकार जल्द ही इस परियोजना का औपचारिक लोकार्पण कर पात्र लाभार्थियों को उनके आवास की चाबियां सौंपने की तैयारी कर रही है।
परियोजना का विस्तार और संरचना
बागवाला में लगभग 6.03 हेक्टेयर भूमि पर इस आवासीय परियोजना का निर्माण किया गया है। इसमें कुल 23 बहुमंजिला आवासीय ब्लॉक तैयार किए गए हैं। इनमें से 832 फ्लैट पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 512 फ्लैटों में अंतिम चरण का कार्य तेजी से जारी है।
प्रत्येक फ्लैट को छोटे परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें एक शयनकक्ष, बैठक कक्ष, रसोईघर, शौचालय, स्नानघर और बरामदा शामिल है। इन फ्लैटों का क्षेत्रफल लगभग 28 वर्ग मीटर है।
भूकंपरोधी और आधुनिक सुविधाओं से लैस निर्माण
इस आवासीय परियोजना की एक प्रमुख विशेषता इसका भूकंपरोधी निर्माण है। भवनों को आधुनिक तकनीक के अनुसार तैयार किया गया है ताकि प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसके अलावा यहां चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और स्वच्छ वातावरण जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास पर जोर
पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए परियोजना परिसर में वर्षा जल संचयन प्रणाली, सीवरेज नेटवर्क और अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया गया है।
बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, हरियाली से भरपूर पार्क और सुंदरता बढ़ाने वाले विकास कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं, जिससे यह क्षेत्र एक आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल आवासीय कॉलोनी के रूप में विकसित हो रहा है।
बेहतर कनेक्टिविटी से जीवन आसान
यह आवासीय परिसर रुद्रपुर के प्रमुख स्थानों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यह मुख्य बाजार और प्रमुख मार्ग से लगभग 3 किलोमीटर, बस स्टेशन से 6 किलोमीटर तथा रेलवे स्टेशन से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
इस बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यहां रहने वाले परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक आसान पहुंच मिलेगी।
पारदर्शी आवंटन प्रक्रिया
सरकार ने इस परियोजना में आवास आवंटन को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।
आवेदन के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। पात्रता के अनुसार आवेदक की वार्षिक आय 3 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए तथा उसके या उसके परिवार के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया केवल 5000 रुपये के पंजीकरण शुल्क से शुरू होगी, जबकि शेष राशि के लिए बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा और गुणवत्ता को प्राथमिकता
परियोजना में सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। आरसीसी बाउंड्री वॉल, मुख्य प्रवेश द्वार, विद्युत व्यवस्था, जल आपूर्ति और फायर फाइटिंग सिस्टम का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
यूपीसीएल द्वारा विद्युत सुरक्षा जांच और अग्निशमन विभाग द्वारा सुरक्षा परीक्षण भी सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं, जिससे परियोजना की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
सरकार की प्रतिबद्धता और भविष्य की योजना
सचिव आवास एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार लाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार हर पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही पात्र लाभार्थियों को आवास आवंटित कर उनके “अपने घर” का सपना पूरा किया जाएगा।



