उत्तराखंडराज्य

आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने निजी कॉलेजों को भेजा सख्त पत्र

देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में आगामी परीक्षाएं आयोजित करने और परीक्षा परिणाम घोषित करने की मांग को लेकर छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधन और प्राचार्यों को सख्त पत्र जारी किया है। कुलसचिव डॉ. शिवकुमार बरनवाल ने संबंधित कॉलेजों को छात्रों से तत्काल संपर्क कर उन्हें विश्वविद्यालय परिसर से वापस अपने संस्थानों में बुलाने और किसी भी तरह की अप्रिय गतिविधि से दूर रहने के निर्देश दिए हैं।

इन आयुर्वेदिक कॉलेजों को भेजा गया पत्र

विश्वविद्यालय की ओर से शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद एंड रिसर्च, क्वाड्रा इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, मदरहुड आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, ओम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, श्रीमती मंजीरा देवी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, अरोमा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, कोर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, सूरजमल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, देवभूमि आयुर्वेदिक कॉलेज और दून आयुर्वेदिक कॉलेज समेत संबंधित संस्थानों को पत्र भेजा गया है।

प्रवेश को लेकर हाईकोर्ट में विचाराधीन है मामला

पत्र में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2018 से 2023 के दौरान कुछ छात्रों को निर्धारित काउंसलिंग प्रक्रिया से अलग संस्थान स्तर पर तथा नीट/नॉन-नीट आधार पर प्रवेश दिए जाने का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन प्रवेशों से संबंधित प्रकरण संबंधित संस्थानों की ओर से ही उच्च न्यायालय में दायर किया गया है। मामले में अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

कोर्ट के फैसले के कारण परीक्षा और परिणाम पर निर्णय लंबित

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण आगामी परीक्षाओं और परीक्षा परिणामों के संबंध में विश्वविद्यालय स्तर पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय लेना संभव नहीं है।

विश्वविद्यालय का आरोप है कि इसके बावजूद छात्र आए दिन परिसर में प्रदर्शन और हंगामा कर रहे हैं। प्रशासनिक भवन में तालाबंदी करने के साथ ही परिसर में स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी देने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

24 अगस्त को भी छात्रों ने किया प्रदर्शन

विश्वविद्यालय के पत्र के मुताबिक, 24 अगस्त को भी छात्रों ने विश्वविद्यालय पहुंचकर हंगामा किया और पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों के कारण शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं और परिसर में अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है।

कॉलेज प्रबंधन और प्राचार्यों को दी चेतावनी

कुलसचिव डॉ. शिवकुमार बरनवाल ने संबंधित कॉलेजों के प्रबंधन और प्राचार्यों को तत्काल छात्रों से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। उनसे कहा गया है कि छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी तरह की प्रदर्शनात्मक या अप्रिय गतिविधि से दूर रहने और अपने-अपने संस्थानों में वापस लौटने के लिए निर्देशित किया जाए।

पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर संबंधित संस्थान के प्रबंधन और प्राचार्य की जिम्मेदारी तय की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित संस्थानों से मामले में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

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