उत्तराखंडराज्य

सरस आजीविका मेले का तीसरा दिवस: पर्यावरण और पक्षी संरक्षण पर जागरूकता

रूद्रपुर में गांधी पार्क में आयोजित सरस आजीविका मेले के तृतीय दिवस पर वन विभाग के समन्वय में विभिन्न विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए। डॉ. रमन (Director, Nature Science Initiative Organization) ने Sustainable Lifestyle और Behaviour Change पर ध्यान केंद्रित करते हुए बताया कि व्यक्तिगत स्तर पर छोटे-छोटे बदलाव जैसे संसाधनों का संतुलित उपयोग, प्लास्टिक कम करना, ऊर्जा बचत और प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली अपनाना पर्यावरण संरक्षण में अहम योगदान दे सकते हैं।

पक्षी संरक्षण और बर्ड वॉचिंग का महत्व

पक्षी प्रेमी राजेश भट्ट ने बर्ड वॉचिंग के महत्व पर चर्चा की और बताया कि पक्षी जैव विविधता के महत्वपूर्ण सूचक हैं। उनकी पहचान, व्यवहार और आवास को समझना संरक्षण के लिए आवश्यक है। वहीं, राजीव बिष्ट ने बर्ड वॉचिंग से रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए स्थानीय लोगों को इस क्षेत्र में मिलने वाले रोजगार के संभावित मार्गों के बारे में जानकारी दी।

नैतिक पक्षी अवलोकन (Ethical Birding)

के.एस. सजवाण, सेवा निवृत्त मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग ने Ethical Birding की अवधारणा समझाते हुए आम जनता और स्कूली बच्चों को बताया कि पक्षियों को बिना डिस्टर्ब किए, उनके वास-स्थल और नैस्टिंग साइट का सम्मान करते हुए बर्डिंग करनी चाहिए। उनका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

युवा बिरडर से संवाद

नानकमत्ता पब्लिक स्कूल की कक्षा 11 की छात्रा जिया कठायत ने स्कूली बच्चों से प्रकृति और पक्षियों के प्रति प्रेम बढ़ाने के लिए संवाद किया। जिया कठायत को Young Birder U-S- में भी चयनित किया गया है, जो युवाओं में जागरूकता फैलाने का प्रेरक उदाहरण है।

पर्यावरण संरक्षण में आमजन का योगदान

प्रभागीय वनाधिकारी तराई, केन्द्रीय वन प्रभाग, यूसी तिवारी ने पर्यावरण संतुलन और संरक्षण में आम जन-मानस की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। मेले के दौरान विभिन्न स्कूलों के बच्चों को भी सरस मेले का भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व की समझ बढ़ी।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी और सहभागिता

इस अवसर पर पीडी हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाग, जिला प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नंदनी तोमर, एसडीओ वन शशि देव सहित स्कूली छात्र, वन विभाग के अधिकारी और आम जनता उपस्थित थे। कार्यक्रम ने पर्यावरण जागरूकता और पक्षी संरक्षण के महत्व को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button