
रुद्रपुर में ‘विश्व क्षय रोग दिवस’ के अवसर पर जिला क्षय रोग क्लिनिक में जागरूकता और सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.पी. सिंह ने की। इस वर्ष का आयोजन जिले के लिए खास रहा, क्योंकि ऊधमसिंह नगर को क्षय रोग उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते प्रदेश के शीर्ष तीन जिलों में स्थान मिला है।
टीबी उन्मूलन में सामुदायिक सहभागिता पर जोर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सेवानिवृत्त स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. आर.के. पांडे ने टीबी उन्मूलन के लिए सामुदायिक भागीदारी को बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार को पूरी तरह अपनाना ही इस बीमारी को जड़ से खत्म करने का सबसे प्रभावी उपाय है।
एकीकृत चिकित्सा पद्धति की अहम भूमिका
विशिष्ट अतिथि जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. आलोक शुक्ला और जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ. महेश जोशी ने टीबी के उपचार में एकीकृत चिकित्सा प्रणाली के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीयूष रंजन ने शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
लाभार्थियों को वितरित की गई पोषण किट
इस अवसर पर टीबी विभाग की टीम ने लाभार्थियों को ‘पोषण किट’ वितरित की, जिससे मरीजों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिल सके। कार्यक्रम का संचालन मुख्य फार्मेसी अधिकारी बी.एन. बेलवाल ने प्रभावी ढंग से किया, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह बना रहा।
क्षय रोग मुक्त भारत के संकल्प को दोहराया
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.पी. सिंह ने अपने संबोधन में जिले की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों और निक्षय मित्रों के सहयोग से यह सफलता संभव हो पाई है। उन्होंने ‘क्षय रोग मुक्त भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का आह्वान किया।
जागरूकता की शपथ के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने टीबी के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने और मरीजों की हर संभव सहायता करने की शपथ ली। इस दौरान कई गणमान्य लोग और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



