
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेशभर की सड़कों की स्थिति और उनके सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
विभिन्न विभागों के अधीन सड़कों के लिए बनेगी प्रभावी योजना
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) समेत विभिन्न विभागों और संस्थाओं के अधीन आने वाली सड़कों के सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में पीएमजीएसवाई के तहत निर्मित उन पुरानी सड़कों के सुधार पर भी चर्चा हुई, जिनकी अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है और नियमित रखरखाव नहीं हो पा रहा है। ऐसी सड़कों के रखरखाव और सुधार के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने पर भी विचार किया गया।
मानसून के बाद युद्धस्तर पर शुरू होंगे सड़क सुधार कार्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़क सुधार के कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं। उन्होंने संबंधित विभागों को अभी से सभी तैयारियां पूरी करने और निविदा प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश समाप्त होते ही निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू किए जा सकें।
शहरी सड़कों के लिए स्थानीय निकायों को मिलेगा सहयोग
बैठक में नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों की सड़कों के सुधार को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों की सड़कों को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए।
इसके लिए स्थानीय निकायों को आवश्यक धनराशि और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने पर भी बैठक में विचार किया गया, ताकि सड़क सुधार के कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
अक्टूबर से सड़क मार्ग से प्रदेश का भ्रमण करेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह अक्टूबर से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का सड़क मार्ग से भ्रमण करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को इससे पहले सड़क सुधार से संबंधित ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुरक्षित और सुगम सड़क व्यवस्था के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। सड़क सुधार के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए।



