
नैनीताल: ज्योलीकोट क्षेत्र में जल जनित (Water-borne) बीमारियों के बढ़ते मामलों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अरविंद कुमार पांडे ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट सहित गाजा, सरियाताल, छीड़ा आदि प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बीमार ग्रामीणों का हाल-चाल जाना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया।

स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश: डोर-टू-डोर सैंपलिंग और मेडिकल टीम तैनात
मुख्य विकास अधिकारी ने क्षेत्र में व्यापक निगरानी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं:
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घर-घर सैंपलिंग: स्वास्थ्य विभाग की टीमें हर घर जाकर ब्लड और वायरस सैंपलिंग करेंगी।
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निःशुल्क उपचार व एंबुलेंस: मेडिकल टीम एंबुलेंस के साथ लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद रहेगी और मरीजों को नियमित दवाएं उपलब्ध कराएगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को तुरंत उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया जाएगा।
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आयुष्मान कार्ड का लाभ: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को निर्देश दिए गए कि जनप्रतिनिधियों को आयुष्मान योजना से अनुबंधित अस्पतालों की सूची दी जाए, ताकि पात्र मरीजों का त्वरित व निःशुल्क इलाज सुनिश्चित हो सके।
दूषित जल स्रोतों को सील करने और सीवरेज लाइन मरम्मत के आदेश
सीवरेज लाइन और पेयजल आपूर्ति की जांच करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए:
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सीवरेज लाइन की मरम्मत: वीरभट्टी स्थित सीवरेज लाइन के लीकेज को तुरंत ठीक करने और शिफ्टिंग कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
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जल स्रोतों को सील करना: जांच में जो जल स्रोत दूषित पाए गए हैं, उन्हें नैनीताल तहसीलदार के माध्यम से तुरंत सील करने के आदेश दिए गए।
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पानी की गुणवत्ता जांच: जल संस्थान को स्रोत से लेकर अंतिम घर तक पानी की नियमित सैंपलिंग, क्लोरीनेशन और गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पिछले तीन महीनों के जल सैंपलों की जांच रिपोर्ट भी तलब की गई है।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई; जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। जांच में जिस भी स्तर पर लापरवाही पाई जाएगी, संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि बीमारी का कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला प्रशासन को सूचित करें।
निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारी व जनप्रतिनिधि
निरीक्षण के समय ब्लॉक प्रमुख (भीमताल) डॉ. हरीश बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पांडे, ग्राम प्रधान (बेलवाखान) डॉ. बबीता मनराल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार पंत, अधीक्षण अभियंता (पेयजल निगम) अशोक कटारिया, एपीडी चंद्रा फर्त्याल, अधिशासी अभियंता (जल संस्थान) मनीष पिल्लई, तहसीलदार अक्षय भट्ट, चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत मर्तोलिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



