उत्तराखंडराज्य

हरिद्वार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विशेष अवलोकन और जनसभा

देहरादून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 मार्च 2026 को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में आयोजित विभिन्न प्रदर्शनों का अवलोकन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्य सरकार के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

उत्तराखंड के विकास कार्यों की प्रदर्शनी

केंद्रीय मंत्री अमित शाह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों में उत्तराखंड में किए गए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और ऐतिहासिक निर्णयों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।

इस प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा:

  • बुनियादी ढांचे का विकास और सड़क एवं संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण

  • स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और शिक्षा क्षेत्र में सुधार

  • निवेश प्रोत्साहन और पर्यटन विकास

  • धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण

  • सीमांत क्षेत्रों का विकास

प्रदर्शनी के माध्यम से सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के प्रयासों को भी उजागर किया जाएगा। विभिन्न विभागों द्वारा तैयार किए गए दृश्य प्रदर्शन, चित्र, मॉडल और जानकारीपूर्ण पैनलों के माध्यम से आमजन उत्तराखंड की विकास यात्रा को निकट से समझ सकेंगे।

न्याय संहिता पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी

7 से 9 मार्च 2026 तक बैरागी कैम्प में “न्याय संहिता” विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों – भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम – के प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता के लिए आयोजित की जा रही है।

नई न्याय संहिताएँ देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था में व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आई हैं। इनका उद्देश्य पुराने औपनिवेशिक प्रावधानों को समाप्त कर नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और तकनीक समर्थ न्याय प्रणाली स्थापित करना है।

नई न्याय संहिताओं की प्रमुख विशेषताएँ

  • पीड़ितों के अधिकारों की सुरक्षा और महिलाओं एवं बच्चों की गरिमा की रक्षा

  • समयबद्ध जांच और आरोप-पत्र की अनिवार्यता

  • शून्य प्राथमिकी और इलेक्ट्रॉनिक प्राथमिकी की व्यवस्था

  • सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य विधि-विज्ञान जांच

  • इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों की वैधता

  • संगठित अपराध, साइबर अपराध और आतंकवाद से संबंधित स्पष्ट दंड प्रावधान

  • पीड़ित प्रतिकर योजना और संपत्ति की शीघ्र वापसी

प्रदर्शनी में प्रस्तुतियां और जनसंवाद

प्रदर्शनी में नाट्य प्रस्तुतियों, मॉडल प्रकरण अध्ययन, डिजिटल प्रदर्शन और जनसंवाद सत्रों के माध्यम से त्वरित न्याय, वैज्ञानिक जांच और नागरिक सुविधा की अवधारणा को सरल और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

यह आयोजन उत्तराखंड सरकार की विकास यात्रा, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता और राज्य को प्रगतिशील और समृद्ध बनाने के प्रयासों को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

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