
गदरपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशानुसार ग्रीष्मकालीन धान की रोकथाम के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की गई। इस तहत उपजिलाधिकारी गदरपुर की अध्यक्षता में तहसीलदार गदरपुर, राजस्व टीम और कृषि विभाग द्वारा मदनपुर क्षेत्र में 0.151 हेक्टेयर में लगाई गई धान की नर्सरी को नष्ट किया गया। मौके पर लगभग 1 कुंतल बीज भी जब्त किया गया।
अन्य क्षेत्र में विरोध और समझाइश
एक अन्य क्षेत्र बरीराई में लगभग 0.405 हेक्टेयर में बोई गई धान की पौध को नष्ट करने के दौरान टीम को लोगों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने किसानों को स्पष्ट किया कि ग्रीष्मकालीन धान की अनुमति केवल उन क्षेत्रों में दी जाएगी जहाँ भूमि दलदली होने के कारण अन्य फसल उगाना संभव नहीं है।
शपथ पत्र और किसानों की सहमति
किसानों ने सहायक कृषि अधिकारी अनिल अरोड़ा को लिखित शपथ पत्र सौंपा, जिसमें कहा गया कि यदि 7 मार्च तक शासन से ग्रीष्मकालीन धान लगाने की आधिकारिक अनुमति नहीं मिलती है, तो वे स्वयं पौध नष्ट कर देंगे या प्रशासन से कार्रवाई करवाने में कोई आपत्ति नहीं करेंगे।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि बिना अनुमति के ग्रीष्मकालीन धान बिल्कुल न लगाएं, और यह अनुमति केवल दलदली भूमि या अन्य फसल विकल्प ना होने की स्थिति में ही दी जाएगी।



