
देहरादून में रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा, सीमांत क्षेत्रों के विकास और आपदा प्रबंधन में बेहतर समन्वय को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
सीमावर्ती राज्य में आईटीबीपी की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड जैसे सीमावर्ती राज्य में आईटीबीपी की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात जवान न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में भी सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने बल के समर्पण और अनुशासन की सराहना की।
सीमांत जिलों के सर्वांगीण विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत जिलों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, स्वास्थ्य, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और आईटीबीपी के बीच मजबूत तालमेल से सुरक्षा तंत्र और अधिक प्रभावी होगा।
सुरक्षा व्यवस्थाओं और आधुनिक संसाधनों पर चर्चा
आईटीबीपी महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्थाओं, आधुनिक उपकरणों और बल की तैयारियों की जानकारी साझा की। उन्होंने राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए आभार जताते हुए भविष्य में भी समन्वय बनाए रखने का भरोसा दिलाया।
आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका
बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में आईटीबीपी की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बल ने तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए प्रदेशवासियों का विश्वास अर्जित किया है।
“सुरक्षित सीमा, सशक्त उत्तराखंड” का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि “सुरक्षित सीमा, सशक्त उत्तराखंड” के संकल्प के साथ राज्य सरकार सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से कार्य कर रही है, ताकि सीमांत क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।



