
रूद्रपुर – उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (DIG/Addl-CEO Operation USDM) राजकुमार नेगी ने शनिवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय का निरीक्षण कर आपदा प्रबंधन के विविध पहलुओं और गतिमान क्रियाकलापों की समीक्षा की। उन्होंने जनपद स्तरीय विभिन्न एजेंसियों के साथ परीचर्चा की और जनपद आपदा कंट्रोल रूम के वायरलेस संचालन का निरीक्षण किया।
शीतलहर और आपदा तैयारी
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने पीपीटी के माध्यम से वर्तमान में शीतलहर की तैयारी और आपदा प्रबंधन की तैयारियों से अवगत कराया। इस दौरान आपदा प्रबंधन के शुद्धिकरण और सशक्तिकरण के लिए विभागीय ढांचे में सृजित रिक्त पदों को शीघ्र भरने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
TEOC सेंटर और आईआरएस प्रशिक्षण
राजकुमार नेगी ने बताया कि सभी जनपदों में 28 TEOC सेंटर बनाए जाने और 76 बुलेरो आवंटित किए जाने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही सभी जनपदों में शासन की आईआरएस एक्सपर्ट टीम द्वारा आईआरएस प्रणाली का प्रशिक्षण जल्द ही दिया जाएगा, ताकि किसी भी आपदा के दौरान त्वरित प्रतिवादन में बाधा न आए।
बाढ़ प्रबंधन और रिवर ड्रेजिंग
प्रभारी अधिकारी आपदा प्रबंधन/ओसी गौरव पांडेय ने बताया कि जनपद बाढ़ प्रभावित/बाढ़ संभावित क्षेत्र है। मानसून के दौरान कई क्षेत्रों में जलभराव या बाढ़ की स्थिति बन जाती है। इस हेतु सिंचाई विभाग नदियों में चौनेलाइजेशन और रिवर ड्रेजिंग का कार्य करता है। हालांकि, शासन द्वारा न्यूनीकरण मद में पर्याप्त धनराशि न मिलने के कारण कुछ नदियों की सफाई शेष रह जाती है। उन्होंने शासन से अनुरोध किया कि न्यूनीकरण मद और सिंचाई विभागीय मद में पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाए, ताकि मानसून में बाढ़ या जलभराव की स्थिति नियंत्रित हो सके।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में अपर जिला अधिकारी कौस्तुभ मिश्र, उप जिलाधिकारी गौरव पांडेय, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, मुख्य शिक्षा अधिकारी केएस रावत, असिस्टेंट कमांडेंट एनडीआरएफ आरएस धपोला, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नवीन कुमार सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ईशान कटारिया, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम सुनील जोशी, अधिशासी अभियंता सिंचाई बीएस डांगी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष जोशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



