
सितारगंज: ’’जन जन की सरकार–जन जन के द्वार’’ अभियान के अंतर्गत न्यायपंचायत कल्याणनगर के मैनझुंडी गांव में शुक्रवार को उप जिलाधिकारी रविन्द्र जुआठा की अध्यक्षता में जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उप जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए अभियान के अंतर्गत पंजीकृत सभी शिकायतों और आवेदनों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

प्रमाण पत्र और योजनाओं का त्वरित लाभ देने के निर्देश
उप जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकार के प्रमाण पत्र शीघ्र निर्गत किए जाएं तथा विभाग आपसी समन्वय से पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी आवेदन पत्र में कोई कमी हो तो संबंधित विभाग मौके पर ही समन्वय कर उसे दूर करें, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का व्यापक लाभ
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र लोगों को लाभान्वित किया गया। इस दौरान 02 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके त्वरित निस्तारण के निर्देश मौके पर ही दिए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 494 लोगों के विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण किए गए तथा निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त 367 लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर लाभान्वित किया गया। शिविर में 01 मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट का वितरण किया गया और 03 लखपति दीदी को सम्मान पत्र प्रदान किए गए।

आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन
जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी उधम सिंह नगर डॉ. आलोक शुक्ला के निर्देशन में आयुर्वेदिक विभाग द्वारा निःशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 91 लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर औषधि वितरण किया गया। इस अवसर पर डॉ. दीपा गुन्जियाल, फार्मेसी अधिकारी दीपक पवार एवं श्री परवेश कुमार ने सक्रिय सहभागिता की।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी शिविर/बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी किशोरी कुटिया, तहसीलदार हिमांशु जोशी, खंड विकास अधिकारी सी. आर. आर्या, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सी. पी. कोठारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सेवा सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान बलराम सिंह, दर्शन सिंह, आनंद बल्लभ भट्ट सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



