
देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार ने प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं के मामले में सख्ती दिखाते हुए उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय (UAU) से जुड़े प्रकरण की खुली जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित फाइल का अध्ययन कर इस मामले को सतर्कता विभाग को सौंपने के प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन मिलने के बाद अब सतर्कता विभाग पूरे प्रकरण की गहन जांच करेगा, जिससे तथ्यों को स्पष्ट करने और दोषियों पर कार्यवाही सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
13.10 करोड़ रुपये के भुगतान में अनियमितताओं का आरोप
सूत्रों के अनुसार, पिछले कई वर्षों में उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में करीब ₹13.10 करोड़ के भुगतान के दौरान प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों का दुरुपयोग सामने आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने विस्तृत जांच के लिए प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर भेजा था। अब मुख्यमंत्री धामी द्वारा इस प्रस्ताव को स्वीकृति दिए जाने के बाद जांच प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है।
पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सरकार का सख्त संदेश
सरकार द्वारा इस मामले में कड़े कदम उठाए जाने को व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वित्तीय अनियमितताओं या अधिकारों के दुरुपयोग के मामलों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी विभाग या संस्था से जुड़ा हो।



