उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड पुस्तक मेला: संस्कृति, सृजन और बच्चों की प्रतिभा का उत्सव

देहरादून। राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह के तहत दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में आयोजित उत्तराखंड पुस्तक मेले के दूसरे दिन भी लोगों में पुस्तकों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। पुस्तक प्रेमियों ने उत्तराखंड की संस्कृति, समाज और इतिहास से जुड़ी किताबों की जमकर खरीददारी की।

पुस्तक मेले में स्थानीय लेखकों के साथ-साथ देशभर के प्रसिद्ध साहित्यकारों की पुस्तकें भी उपलब्ध रहीं। ज्ञान, संवाद और सृजन का यह मेला पाठकों और लेखकों के बीच संवाद का सेतु बन रहा है।

दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण रहा ‘बाल गतिविधियाँ’ कार्यक्रम, जिसमें नन्हें-मुन्ने बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया। लोक गीत, नृत्य और कहानियों के माध्यम से बच्चों ने राज्य की संस्कृति को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।

‘उत्तराखंड टैलेंट शो’ में 4 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों ने लोक गीत, लोक नृत्य, कविता और पारंपरिक परिधान प्रदर्शन में भाग लिया। निर्णायक मंडल में दीपाक्षी गुसाईं, जोहरा निज़ामी और कल्पना बहुगुणा शामिल रहीं।

निमिषा को प्रथम, कुशाग्र को द्वितीय, अरुण्या को तृतीय स्थान
प्रतिभागियों ने एकल, युगल और समूह प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी सृजनात्मकता का परिचय दिया। निमिषा सिंह को प्रथम, कुशाग्र डोभाल को द्वितीय और अरुण्या तोमर को तृतीय पुरस्कार मिला।
विशेष सम्मान “आसरा ट्रस्ट समूह” (बेघर व आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का दल) और “रैफेल राइडर समूह” (मानसिक रूप से विशेष बच्चों का दल) को प्रदान किया गया। दोनों समूहों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में मेघा एन. विल्सन, उत्कर्ष रावत, सुमन भारद्वाज, जयभगवान गोयल, मीनाक्षी कुकरेती, स्वीटी, शकुंतला दरियाल, शैलेंद्र सिंह रौतेला, सुंदर सिंह बिष्ट, राकेश कुमार, विजय बहादुर और पंकज शर्मा का सहयोग रहा।
संचालन मधु डंगवाल ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

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