
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय रहने के कारण अगले दो दिनों के दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 और 10 अगस्त को मौसम की स्थिति को देखते हुए विभिन्न जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
9 अगस्त को तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, 9 अगस्त को बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसे देखते हुए इन तीनों जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चम्पावत में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
10 अगस्त को इन जिलों में बढ़ेगा बारिश का असर
10 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और अत्यंत तीव्र वर्षा होने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंहनगर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
सभी जिलों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सभी विभागों को आवश्यक संसाधन और उपकरण तैयार रखने को कहा है। साथ ही, बारिश के कारण यदि सड़क मार्ग बाधित होता है तो यातायात व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल फोन हर समय चालू रखने तथा किसी भी आपदा की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) को देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील
विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों के साथ-साथ पर्यटकों से भी मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने लोगों को भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, गदेरों और बरसाती नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि जलभराव वाले इलाकों और कमजोर पुलों को पार करने से बचें। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की आशंका वाले मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें। मौसम के अधिक खराब होने की स्थिति में लोगों को अपनी यात्रा यथासंभव स्थगित रखने की सलाह दी गई है।



