रेलवे ने जुलाई तक खर्च किए बजट के 39 प्रतिशत से अधिक फंड

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मिले बजटीय आवंटन का तेजी से उपयोग शुरू कर दिया है। रेल मंत्रालय के अनुसार, रेलवे को मिले ₹2.93 लाख करोड़ के बजट में से जुलाई 2026 तक ₹1.14 लाख करोड़ से अधिक राशि खर्च की जा चुकी है, जो कुल आवंटन का लगभग 39 प्रतिशत है।
रेल मंत्रालय ने बताया कि बजट राशि का उपयोग रेलवे सुरक्षा, नेटवर्क विस्तार, बुनियादी ढांचे के विकास और कर्मचारियों के कौशल उन्नयन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा रहा है।
कवच 4.0 से बढ़ाई जा रही रेल सुरक्षा
रेल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विकसित स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार, अब तक 2,633 रूट किलोमीटर रेल नेटवर्क पर कवच प्रणाली सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है।
इसमें दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग के 1,423 रूट किलोमीटर और दिल्ली-हावड़ा मार्ग के 1,210 रूट किलोमीटर शामिल हैं। जून 2026 तक कवच परियोजना पर ₹3,875 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है।
40 हजार किलोमीटर नेटवर्क विस्तार से जुड़े प्रोजेक्ट मंजूर
रेलवे ने क्षमता विस्तार और नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 40,000 किलोमीटर रेल नेटवर्क से जुड़ी 514 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत ₹8.31 लाख करोड़ बताई गई है।
इन योजनाओं का उद्देश्य रेल नेटवर्क का विस्तार करना, ट्रेनों की आवाजाही क्षमता बढ़ाना और रेलवे संचालन को अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाना है।
कर्मचारियों के कौशल विकास पर भी विशेष फोकस
रेल मंत्रालय ने रेलवे कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी है। केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों और गति शक्ति विश्वविद्यालय के माध्यम से हर वर्ष लगभग 6 लाख रेल कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार, इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों और बेहतर परिचालन प्रणाली के अनुरूप तैयार करना है।



