
सितारगंज के श्री रामलीला मैदान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एवं दुग्ध उत्पादक संगोष्ठी कार्यक्रम में पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने पशुपालकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 15 अप्रैल से दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की। इस फैसले से क्षेत्र के हजारों दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
महिलाओं के योगदान से बढ़ा दुग्ध उत्पादन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि जनपद में दुग्ध उत्पादन में लगभग सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें महिलाओं की मेहनत और समर्पण का अहम योगदान है। उन्होंने महिलाओं की भूमिका को सराहते हुए कहा कि वे हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
सौरभ बहुगुणा ने कहा कि महिलाओं ने राज्य आंदोलन से लेकर देश की सीमाओं की रक्षा तक हर स्तर पर अपनी भागीदारी निभाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए बताया कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और अधिकारों में बराबरी देने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। साथ ही, संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य स्तर पर भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
पशुपालकों के लिए सब्सिडी और सुविधाएं
मंत्री बहुगुणा ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं। इसके तहत साइलेज पर 60 प्रतिशत, भूसे पर 50 प्रतिशत, मिनरल मिक्सचर पर 50 प्रतिशत तथा पशु आहार के बैग पर 100 से 200 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा दुग्ध संघ के माध्यम से पशुओं का निःशुल्क उपचार भी कराया जा रहा है।
दूध के दाम में बढ़ोतरी से राहत
उधम सिंह नगर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की अध्यक्षा प्रभा रावत ने बताया कि बोर्ड की सहमति से 15 अप्रैल से दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू की जाएगी। इस निर्णय के बाद पशुपालकों को अब 48 रुपये प्रति लीटर की दर से भुगतान मिलेगा। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा चार रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
स्वरोजगार और विकास को मिला बढ़ावा
कार्यक्रम में वक्ताओं ने पशुपालन, गन्ना उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों को रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं
सुमेधा बहुगुणा ने कार्यक्रम में महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना प्राथमिक लक्ष्य है, और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
जागरूकता और सामाजिक संदेश
कार्यक्रम के दौरान महिला अधिकारों, कानूनों और सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने नशा मुक्ति अभियान में महिलाओं की भागीदारी को आवश्यक बताते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।
कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाई।



