
देहरादून। उत्तराखंड में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग और मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून की ओर से जारी पूर्वानुमान के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। 14 से 17 अगस्त के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना जताई गई है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने को कहा है।
14 अगस्त: चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
वहीं चंपावत, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना जताई गई है।
15 अगस्त: पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट
15 अगस्त को उत्तराखंड के सभी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली और तेज बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
16 अगस्त: तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
16 अगस्त को चंपावत, बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की आशंका है।
इसके अलावा देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, चमोली, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों के साथ पौड़ी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
17 अगस्त: देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट
17 अगस्त को देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। दोनों जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और अत्यंत तीव्र बारिश के दौर की संभावना जताई गई है।
प्रदेश के शेष जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना के चलते येलो अलर्ट जारी रहेगा।
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने आमजन से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें। जरूरी यात्रा करने से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
उन्होंने भूस्खलन और चट्टान गिरने की आशंका वाले संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों, नदी-नालों और जलधाराओं के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश या अचानक बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने तथा सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र को पार न करने को कहा गया है।
आकाशीय बिजली और उफनती नदियों से रहें दूर
सुमन ने कहा कि आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों और तत्काल किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। भारी बारिश के दौरान उफनती नदियों, गदेरों और नालों में जाने के साथ ही नौका विहार से भी बचने की सलाह दी गई है।
उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध, जलभराव तथा नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में सभी नागरिक सतर्क रहें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।


