
देहरादून, उत्तराखंड: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के साइबर थाना देहरादून ने मोबाइल टावर लगाने और डीलरशिप दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक शातिर सदस्य भूप सिंह उर्फ कल्ला (33 वर्ष) को भरतपुर (राजस्थान) से गिरफ्तार किया।
ठगी का मामला और modus operandi
STF के अनुसार, हरिद्वार निवासी पीड़ित को 2020 से 2025 के बीच अज्ञात साइबर अपराधियों ने HFCL कंपनी के अधिकारी होने का झांसा देकर 60 लाख रुपए ठग लिए। ठगी के लिए hfcl.gov@gmail.com से कूटरचित दस्तावेज भेजे गए और रजिस्ट्रेशन व सिक्योरिटी फीस के बहाने रकम वसूली गई।
पीड़ित की शिकायत पर मार्च 2025 में साइबर थाना देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रैकिंग से सफलता
STF ने बैंक खातों, मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप और ईमेल डेटा का विश्लेषण किया। पता चला कि ठगी की रकम 5 अलग-अलग खातों में भेजी गई थी, जिनमें से 33 लाख रुपए एक्सिस बैंक, भरतपुर के खाते में ट्रांसफर हुए। ATM के माध्यम से नकदी अलग-अलग स्थानों से निकाली गई।
CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी और पूछताछ
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से बरामद वस्तुएँ:
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वीवो मोबाइल फोन
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एक्सिस बैंक खाते से जुड़ा जियो सिम कार्ड
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एक्सिस बैंक का ATM कार्ड, पासबुक और चेकबुक
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सीनियर सिटीजन कार्ड
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बैंक खाते खोलवाकर गिरोह को उपलब्ध कराता था। ठगी की रकम खाते में आने के बाद ATM से निकालकर गिरोह तक पहुँचाई जाती थी।
पुलिस का निर्देश और जनता के लिए चेतावनी
पुलिस महानिरीक्षक साइबर/STF, नीलेश आनंद भरणे ने जनता से अपील की:
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अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल न उठाएं।
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खुद को पुलिस, CBI या ED बताने वालों से घबराएँ नहीं।
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कोई भी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ (IPS), पुलिस महानिरीक्षक साइबर/STF – निलेश आनंद भरणे (IPS), SSP STF – नवनीत सिंह (IPS) और ASP – कुश मिश्रा (IPS) के निर्देशन में की गई।



