
रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर: स्थानीय सुशासन में महिला नेतृत्व को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभागार में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला में कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर की महिला ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर्स के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
महिला प्रतिनिधियों को सशक्त बनाने पर जोर
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जिला पंचायतराज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल ने महिला जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों के कार्यों का प्रभावी निर्वहन करने के लिए महिलाओं का आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचित महिला प्रधानों के कामकाज में उनके पतियों या परिवार के किसी सदस्य का हस्तक्षेप 73वें संविधान संशोधन के विरुद्ध है।
‘प्रधान पति’ संस्कृति को समाप्त करने का प्रयास
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ‘प्रधान पति‘ संस्कृति को समाप्त कर महिलाओं को स्वतंत्र नेतृत्व के लिए तैयार करना है। कार्यशाला में महिलाओं को ग्राम सभा की बैठकों की अध्यक्षता करना, पंचायत के महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाना और पुरुष प्रधान समाज में बराबरी का हक प्राप्त करना सिखाया जा रहा है।
भागीदारी और भविष्य की योजना
इस प्रशिक्षण में कुल 42 महिला प्रतिनिधि भाग ले रही हैं, जिनमें अल्मोड़ा से 22, बागेश्वर से 6 और ऊधमसिंह नगर से 14 प्रतिनिधि शामिल हैं। राज्य स्तरीय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित ये मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने जिलों में अन्य महिला पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देकर जमीनी स्तर पर बदलाव लाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।



