
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह और डॉ. हरक सिंह रावत सहित वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार की ‘अग्निवीर योजना’ तथा पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम को लेकर तीखा हमला बोला।
अग्निवीर योजना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़: गणेश गोदियाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अग्निवीर योजना को युवाओं के स्थायी रोजगार के अवसरों को सीमित करने वाला बताया:
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चार साल बाद भविष्य पर अनिश्चितता: 17-18 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती होने वाला युवा 21-22 वर्ष की आयु में पुन: बेरोजगारी की कगार पर खड़ा हो जाएगा।
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समानता का अभाव: नियमित सैनिकों और अग्निवीरों के बीच सेवा अवधि, वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा में भेदभाव क्यों है, जबकि दोनों देश के लिए समान जोखिम उठाते हैं?
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बढ़ती महंगाई पर घेरा: आम जनता महंगाई और दो वक्त की रोटी की समस्या से जूझ रही है, ऐसे समय में हजारों टन तेल बहाकर दीपोत्सव मनाना अनुचित है।
उत्तराखंड की सैन्य परंपरा और युवाओं पर प्रभाव
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प्रीतम सिंह (अध्यक्ष, चुनाव अभियान समिति): उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के हजारों परिवार पीढ़ियों से सेना की नौकरी को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का आधार मानते आए हैं। 75% युवाओं को 4 साल बाद बाहर करने की व्यवस्था के चलते सरकार को उनके भविष्य का स्पष्ट रोडमैप जारी करना चाहिए।
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डॉ. हरक सिंह रावत (अध्यक्ष, चुनाव प्रबंधन समिति): केवल विभिन्न विभागों में आरक्षण का वादा काफी नहीं है। सरकार स्पष्ट करे कि 4 साल बाद अग्निवीरों को वास्तविक रूप से कितनी स्थायी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने उत्तराखंड के लिए विशेष भर्ती नीति और पुनर्वास पैकेज की मांग की।
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कर्नल राम रतन नेगी (अध्यक्ष, सैनिक विभाग): दावा किया कि सेना में वार्षिक रोजगार 80 हजार से घटकर लगभग 47 हजार रह गया है। 25% रिटेंशन के हिसाब से मात्र 12 हजार युवा ही स्थायी सेवा में रह पाएंगे।
कांग्रेस के प्रमुख सवाल एवं मांगें
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स्वतंत्र समीक्षा: अग्निवीर योजना की निष्पक्ष और स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए।
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रिक्त पदों पर भर्ती: सेना में खाली पड़े नियमित पदों को समयबद्ध तरीके से भरा जाए।
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रोजगार का ब्योरा: सरकार सार्वजनिक करे कि अब तक कितने अग्निवीरों को स्थायी सरकारी नौकरी या स्वरोजगार मिला है।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध सेना से नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को अनिश्चित बनाने वाली भर्ती नीति से है।
इस दौरान पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।



