उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड: हरितालिका तीज उत्सव अब सरकारी स्तर पर होगा भव्य रूप से आयोजित, CM धामी की घोषणा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि हरितालिका तीज उत्सव को अब सरकारी स्तर पर और भी भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास में गोर्खाली समाज का बहुमूल्य योगदान रहा है और महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

जसवंत सिंह ग्राउंड (गढ़ी कैंट) में आयोजित ‘गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव’ के दौरान मुख्यमंत्री ने गोर्खाली समाज की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं दीं और उनके सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का संरक्षण

मुख्यमंत्री ने हरितालिका तीज के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:

  • तपस्या और समर्पण का प्रतीक: यह पर्व माता पार्वती की अटूट तपस्या, विश्वास और शक्ति का प्रतीक है।

  • संस्कृति से जुड़ाव: ऐसे पारंपरिक उत्सव नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़े रखने का सशक्त माध्यम हैं।

  • महिलाओं की भूमिका: हमारी भाषा, लोक-परंपराओं और संस्कारों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में महिलाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है।

गोर्खाली समाज का राष्ट्रनिर्माण में योगदान

गोर्खा समुदाय के शौर्य और समर्पण की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

  • वीरता और राष्ट्रभक्ति: देश की सीमाओं की रक्षा में गोर्खा वीरों ने हमेशा अदम्य साहस और बलिदान का परिचय दिया है।

  • बहुआयामी विकास: शिक्षा, खेल, कला, साहित्य और समाज सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में गोर्खाली समाज ने उत्तराखंड की प्रगति को नई दिशा दी है।

  • ‘आजाद हिन्द फौज शहीद द्वार’: मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अमर शहीद कप्तान दल बहादुर थापा की स्मृति में बनने वाले शहीद द्वार का शिलान्यास किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को उनके त्याग से प्रेरित करेगा।

भारत-नेपाल संबंध और प्राकृतिक आपदा पर संवेदना

मुख्यमंत्री ने भारत और नेपाल के प्रगाढ़ संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्ते हैं। उन्होंने नेपाल में आई हालिया प्राकृतिक आपदा पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत पूरी तरह से नेपाल के साथ खड़ा है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम

राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए उठाए गए प्रमुख कदम:

  1. सरकारी सेवाओं में आरक्षण: महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण दिया गया है।

  2. समान नागरिक संहिता (UCC): यूसीसी लागू कर महिलाओं के कानूनी व सामाजिक अधिकारों को और अधिक सुरक्षित किया गया है।

  3. लखपति दीदी योजना: स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भर हुई हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं।

कार्यक्रम में प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस भव्य समारोह में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आचार्य बालकृष्ण, गीता पुष्कर धामी, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, तीज उत्सव कमेटी की अध्यक्ष प्रभा शाह, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया, नेहा जोशी, सिद्धार्थ अग्रवाल और अनुकृति गुसाईं समेत कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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